स्वतंत्र छत्तीसगढ़
मस्कट/रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित 6,000 करोड़ रुपये के मामले में एक बड़ा दावा सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के अनुसार, मामले के प्रमुख आरोपी बताए जाने वाले सौरभ चंद्राकर ने ओमान के अधिकारियों के समक्ष कथित तौर पर छत्तीसगढ़ के राजनेताओं, नौकरशाहों और महादेव नेटवर्क से लाभ पाने वाले अन्य लोगों के नामों का खुलासा करने की पेशकश की है।
हेड लाइंस
महादेव बेटिंग ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर से जुड़ा बड़ा दावा
कथित लाभार्थियों के नाम बताने की पेशकश की बात
अपने और परिवार के लिए गवाह सुरक्षा की मांग का दावा
राजनीतिक प्रतिशोध से बचाव और न्यायिक निगरानी में सुरक्षा की मांग
सुरक्षा और संरक्षण की मांग का दावा सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, चंद्राकर ने कथित तौर पर अपने और परिवार के लिए Witness Protection Programme की मांग की है। दावा है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के कुछ राजनेताओं और नौकरशाहों से जान को खतरा होने की आशंका जताई है। साथ ही सुरक्षित हिरासत, न्यायिक निगरानी और कथित राजनीतिक प्रतिशोध से संरक्षण की मांग किए जाने की बात भी कही गई है।

नामों के खुलासे पर बड़ा सवाल वायरल दावे में कहा गया है कि सौरभ चंद्राकर महादेव नेटवर्क से कथित तौर पर लाभान्वित हुए लोगों की जानकारी साझा करने को तैयार हैं। हालांकि, इस संबंध में संबंधित ओमानी अधिकारियों, भारतीय जांच एजेंसियों या किसी सक्षम न्यायिक प्राधिकरण की ओर से इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसलिए वायरल जानकारी में लगाए गए आरोपों और नामों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया जाना बाकी है।
जांच और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार महादेव ऐप से जुड़े मामले की जांच पहले से विभिन्न एजेंसियों के स्तर पर चर्चा में रही है। नए वायरल दावे ने मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में फिर हलचल पैदा कर दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या ओमान या भारत की कोई सक्षम एजेंसी इस कथित प्रस्ताव, सुरक्षा मांग या संभावित खुलासों पर आधिकारिक बयान जारी करती है। फिलहाल सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे को अंतिम या प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। उपलब्ध खोज परिणामों में इस विशिष्ट दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली।
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