स्वतंत्र छत्तीसगढ़ / मौसम
हेड लाइंस
छत्तीसगढ़: आज कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना
रायपुर: दिनभर बादल छाए रहने और एक-दो दौर में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान
मौसम विभाग: छत्तीसगढ़ में 20 से 23 अगस्त तक कहीं-कहीं गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना
भारी बारिश: 20 और 21 अगस्त को छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना
देशभर का मौसम: मध्य भारत, पूर्वी भारत और हिमालयी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां सक्रिय
रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ में गुरुवार 20 अगस्त को मानसून सक्रिय रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में आज व्यापक स्तर पर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने तथा कहीं-कहीं बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। रायपुर में आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहने और एक-दो दौर में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के संकेत: भारतीय मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 20 अगस्त को बारिश की गतिविधियां व्यापक रह सकती हैं। 20 से 23 अगस्त के दौरान प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं 20 और 21 अगस्त को कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
रायपुर समेत प्रदेश का तापमान: पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। 19 अगस्त के आंकड़ों में अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 26.9 डिग्री, बिलासपुर 25.4 डिग्री, दुर्ग 26.6 डिग्री और जगदलपुर 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार बादल और बारिश की वजह से कई इलाकों में दिन के तापमान में कमी देखने को मिल रही है।
देशभर में कैसा रहेगा मौसम: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य भारत और पूर्वी भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के साथ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भी तेज बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
सावधानी जरूरी: बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बिजली चमकने पर खुले मैदान, जलाशय और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। तेज बारिश वाले इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किसानों और आम नागरिकों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
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