बलौदाबाजार में प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप की मौजूदगी में प्रदर्शन, सरगुजा में भी नोटिस जलाए; पदोन्नति, वेतन विसंगति और ऐप की खामियों को लेकर आंदोलन जारी।
बलरामपुर : छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब तेज होती जा रही है। अपनी मांगों को लेकर 12 अक्टूबर से आंदोलन कर रहे पटवारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में कई जिलों में प्रदर्शन किया है। सोमवार को बलौदाबाजार में पटवारियों ने निलंबन आदेश, कारण बताओ नोटिस और तबादला आदेशों की प्रतियां फाड़कर जलाईं। इस प्रदर्शन में प्रदेश पटवारी संघ के अध्यक्ष भागवत कश्यप भी शामिल हुए। वहीं, सरगुजा संभाग में भी पटवारियों ने काम पर लौटने के लिए जारी नोटिस की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
पटवारी संघ की प्रमुख मांगों में पदोन्नति, वेतन विसंगति दूर करना और पीवी ऐप की तकनीकी खामियों को सुधारना शामिल है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप ने बलौदाबाजार में कहा कि कई पटवारी सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच गए हैं, लेकिन उन्हें अब तक पदोन्नति का लाभ नहीं मिला है। उनका आरोप है कि समस्याओं को दूर करने के बजाय कर्मचारियों पर निलंबन और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर, प्रशासन ने हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने के निर्देश दिए हैं। बलरामपुर के वाड्रफनगर में पांच पटवारियों को निलंबित किया गया है, जबकि जांजगीर-चांपा में 141 पटवारियों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस और दो पटवारियों को निलंबित किए जाने की खबर है।
हड़ताल का असर प्रदेश के राजस्व और प्रशासनिक कामकाज पर पड़ रहा है। किसानों से जुड़े डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक, धान खरीदी के लिए दस्तावेजों का सत्यापन, गिरदावरी और फसल सर्वे जैसे कार्य प्रभावित हैं। इसके अलावा नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के लिए जरूरी जांच प्रक्रिया भी लंबित हो रही है। सरगुजा संभाग में 819 पटवारियों की हड़ताल के कारण छह जिलों का कामकाज प्रभावित बताया गया है। संघ ने आंदोलन और तेज करने तथा मांगें पूरी नहीं होने पर आमरण अनशन और जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है। अब देखना होगा कि शासन और पटवारी संघ के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आगे और व्यापक रूप लेता है।
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