स्वतंत्र छत्तीसगढ़
प्रमुख बिंदु
- श्री बालाजी विद्या मंदिर, देवेंद्र नगर में शिक्षक दिवस समारोह आयोजित
- दीप प्रज्वलन, मां सरस्वती वंदना और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ शुभारंभ
- संस्था की ओर से शिक्षकों को श्रीफल और उपहार देकर किया गया सम्मान
- अतिथियों ने शिक्षक को समाज का पथप्रदर्शक बताते हुए उनके महत्व पर प्रकाश डाला
रायपुर। श्री बालाजी विद्या मंदिर, देवेंद्र नगर, रायपुर में शिक्षक दिवस के अवसर पर गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, मां सरस्वती की वंदना और भारत के महान दार्शनिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर उनके आदर्शों, विचारों और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए विद्यालय के शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें संस्था की ओर से श्रीफल एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरु के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने जीवन में सही दिशा प्राप्त करते हुए आगे बढ़ता है।
मुख्य अतिथि श्री जी. स्वामी, अध्यक्ष ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज में हमेशा शिक्षकों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु को विशेष स्थान दिया गया है और उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थी अपने संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास करता है। उन्होंने शिक्षकों के प्रति सम्मान और उनके योगदान को स्वीकार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर श्री के.एस. आचार्युलु ने शिक्षकों के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक समाज के पथप्रदर्शक होते हैं। उनके मार्गदर्शन के बिना ज्ञान की सही दिशा प्राप्त करना कठिन है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, संस्कार और जीवन-मूल्यों की समझ भी प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस के इस आयोजन में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
गरिमामय समारोह में श्री हरि वल्लभ, श्री के.वी. राव, श्री सी. साईं गोपाल, शाला की प्राचार्या डॉ. फ्रेनी जे. प्रकाश, उपप्राचार्या श्रीमती मौसमी भट्टाचार्या, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित करते हुए शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को मजबूत किया। शिक्षक दिवस का यह आयोजन विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणादायी और यादगार अवसर रहा।
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