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“मन की बात” से जनजातीय गौरव को नई ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मिला बल…

स्वतंत्र छत्तीसगढ़ (By.आनंद कुमार गुप्ता )

मनोरा के सुदूर वनांचल में पहाड़ी कोरवा परिवारों के साथ प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने सुना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन |

मनोरा (जशपुर)। सुदूर वनांचल क्षेत्र में जनजातीय समाज के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” का सामूहिक श्रवण किया गया। जशपुर जिले के विकासखंड मनोरा अंतर्गत खोकसो और बेंजोरा कोरवा बस्ती में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने विशेष रूप से पिछड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति के परिवारों के साथ कार्यक्रम सुना।

इस अवसर पर कोरवा परिवारों, वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों और जनजातीय समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री के विचारों को सुना। कार्यक्रम के दौरान संस्कृति संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर चर्चा करते हुए इन संकल्पों को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही गई।

वनांचल की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संदेश “लोकल के लिए वोकल” और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। उपस्थित लोगों ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश आत्मसात किया।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि पहाड़ी कोरवा जनजाति की संस्कृति, परंपराएं और प्रकृति के साथ उनका आत्मीय संबंध देश की अमूल्य धरोहर है। जनजातीय समाज की पहचान, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों की भागीदारी के बिना विकसित भारत की परिकल्पना को पूर्ण नहीं किया जा सकता। गांवों के विकास, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, स्वच्छता, शिक्षा, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जोड़ा जा सकता है।

श्री जूदेव ने उपस्थित ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं से स्वच्छ ग्राम तथा हरित पर्यावरण के निर्माण में सामूहिक भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी भी है। जनजातीय समाज सदियों से प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीता आया है और यह जीवन शैली आज पर्यावरण संरक्षण के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

कार्यक्रम के दौरान आत्मनिर्भर जनजातीय समाज के निर्माण पर भी विशेष जोर दिया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों, पारंपरिक कौशल और जनजातीय उत्पादों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ जनजातीय युवाओं को भी आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने “मन की बात” के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे सकारात्मक प्रयासों और जनभागीदारी के उदाहरणों पर भी चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने और सकारात्मक सोच को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति भगत, जिला महिला मोर्चा महामंत्री श्रीमती शारदा परधान, जिला अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा श्री श्यामलाल भगत, पूर्व विधायक प्रत्याशी श्री गोविंद राम भगत, राजपुरोहित केदार महाराज तथा परमहंस अग्रज उपस्थित रहे।

इसके अलावा अनुसूचित जनजाति जिला उपाध्यक्ष श्री विकास परधान, अनुसूचित जाति जिला उपाध्यक्ष श्री भजु नंदन नायक, अनुसूचित जनजाति मंडल अध्यक्ष श्री रंजीत भगत, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्रीमती सुषमा सिंह, पूर्व मंडल महामंत्री श्री सतीश मिंज और युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्री वासुदेव भगत सहित बड़ी संख्या में कोरवा समाज के भाई-बहन, वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणजन और भाजपा मंडल के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

वनांचल क्षेत्र में आयोजित इस सामूहिक श्रवण कार्यक्रम के माध्यम से जनजातीय गौरव, संस्कृति संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण और आत्मनिर्भरता का संदेश प्रमुखता से सामने आया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प दोहराया।

मन की बात का संदेश, जन-जन का विश्वास — जनजातीय गौरव से आत्मनिर्भर भारत का प्रकाश।

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