नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय मुक्केबाज और कॉमनवेल्थ गेम्स की रजत पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन की जमकर तारीफ की है। लवलीना ने ग्लासगो के एक रेस्तरां में भारत का ऐसा नक्शा देखे जाने पर आपत्ति जताई थी, जिसमें देश का पूरा पूर्वोत्तर क्षेत्र शामिल नहीं था। प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना को राष्ट्रीय भावना और देश की अखंडता से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रसंग बताया।
ग्लासगो के रेस्तरां में लवलीना ने उठाया मुद्दा: कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में लवलीना की नजर भारत के एक गलत/अधूरे नक्शे पर पड़ी। नक्शे में पूर्वोत्तर भारत का हिस्सा गायब था। असम से आने वाली लवलीना ने रेस्तरां के कर्मचारियों के सामने इस पर आपत्ति दर्ज कराई और बताया कि पूर्वोत्तर भारत का हिस्सा नहीं दिखाया जाना उनके लिए भावनात्मक रूप से आहत करने वाला है। इसके बाद संबंधित नक्शे को ठीक किया गया।
पीएम मोदी ने कहा- यह सामान्य वीडियो नहीं था: भारत लौटे कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लवलीना के इस कदम का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लवलीना द्वारा गलत नक्शे पर आपत्ति जताना सामान्य घटना नहीं थी और यह लंबे समय तक याद रखा जाएगा। पीएम मोदी ने उनके इस रुख को देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय अखंडता की भावना से जोड़ा।
पूर्वोत्तर की पहचान को लेकर दिया संदेश: लवलीना की आपत्ति विशेष रूप से इसलिए चर्चा में आई क्योंकि वह स्वयं असम और पूर्वोत्तर भारत से आती हैं। उनके इस कदम को पूर्वोत्तर क्षेत्र की राष्ट्रीय पहचान और भारत की क्षेत्रीय अखंडता के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री की प्रशंसा के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया है।
लवलीना की पहल की हो रही सराहना: इस घटना ने यह संदेश दिया कि विदेश में भी भारत के मानचित्र और राष्ट्रीय पहचान से जुड़े विषयों को लेकर जागरूकता महत्वपूर्ण है। लवलीना ने विवाद बढ़ाने के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आपत्ति संबंधित कर्मचारियों तक पहुंचाई और नक्शे को सही किए जाने की बात सामने आई। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उनकी पहल की सार्वजनिक सराहना ने इस घटना को और प्रमुखता दे दी है।
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