जी.भूषण/ रायपुर, छत्तीसगढ़
रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम के जोन 5, 6 और 7 की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने जलभराव, पेयजल संकट, स्वच्छता, अवैध निर्माण और विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुख्य बातें (Quick Highlights)
- महापौर ने जोन 5, 6 और 7 के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
- जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जियो टैगिंग सर्वे कराने के निर्देश।
- पेयजल संकट दूर करने के लिए नई पाइपलाइन और विस्तार कार्य को प्राथमिकता।
- अवैध अतिक्रमण और नालों पर किए गए पाट हटाने के आदेश
- स्वच्छता, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
रायपुर: नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मंगलवार को निगम के जोन क्रमांक 5, 6 और 7 का दौरा कर वार्ड पार्षदों एवं अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में शहर की मूलभूत सुविधाओं, जनसमस्याओं और विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों से जुड़े सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में पूरे किए जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पेयजल संकट दूर करने पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक के दौरान महापौर ने कहा कि शहर के लगभग प्रत्येक वार्ड में कहीं न कहीं पेयजल संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में नई पाइपलाइन बिछाने और पाइपलाइन विस्तार के प्रस्ताव तत्काल तैयार कर कार्य शुरू किया जाए ताकि आगामी गर्मी के मौसम में नागरिकों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने परशुराम नगर की पिछले 7 से 8 वर्षों से लंबित पेयजल समस्या के स्थायी समाधान, भैरव नगर में वैकल्पिक जलापूर्ति, टैगोर नगर की बस्तियों में पाइपलाइन विस्तार तथा चंगोराभाठा क्षेत्र में चल रहे पाइपलाइन विस्तार कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
जलभराव वाले क्षेत्रों में बनेगी स्थायी कार्ययोजना
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि जिन क्षेत्रों में हर वर्ष जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है, वहां जियो टैगिंग के माध्यम से विस्तृत सर्वे कराया जाए। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर स्थायी समाधान के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति प्राप्त की जाए। उन्होंने अवरोधक दीवारें हटाने, नई छोटी नालियों का निर्माण कराने, नालों पर किए गए अवैध पाट और अतिक्रमण हटाने, सहायक नालों की अंतिम छोर तक सफाई कराने तथा सभी चिन्हित क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कुशालपुर क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए पहाड़ी तालाब में प्रस्तावित एसटीपी निर्माण कार्य को भी प्राथमिकता से आगे बढ़ाने को कहा गया।
स्वच्छता व्यवस्था और कचरा संग्रहण की समीक्षा
स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए महापौर ने रामकी कंपनी को सभी वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण नियमित, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी क्षेत्रों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया। डीडी नगर क्षेत्र में लंबे समय से बंद सेप्टिक टैंक सक्शन मशीन के माध्यम से सफाई कार्य तत्काल दोबारा शुरू करने के भी निर्देश दिए गए।
अवैध निर्माणों पर सख्ती, नक्शे के अनुरूप ही मिलेगा पूर्णता प्रमाण पत्र
टाउन प्लानिंग विभाग की समीक्षा में महापौर ने निर्देश दिया कि 5000 वर्गफुट या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले भवनों और कॉलोनियों का स्थल निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप हुआ है। संतोषजनक परीक्षण के बाद ही पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया जाए। उन्होंने 5000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्रफल वाली कॉलोनियों के पूर्णता प्रमाण पत्र जोन स्तर पर जारी करने पर रोक लगाने तथा सक्षम प्राधिकारी स्तर पर ही नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण पाया जाता है तो संबंधित उप अभियंता और अभियंता की व्यक्तिगत जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अवैध अतिक्रमण और विकास कार्यों पर दिए निर्देश
महापौर ने कहा कि जिन अवैध निर्माणों को तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं, वहां बिना विलंब कार्रवाई की जाए। मुख्य मार्गों, पार्किंग क्षेत्रों और संकरी सड़कों पर किए गए अतिक्रमणों को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए।
उन्होंने जोन-5 के प्रत्येक वार्ड के लिए 4-4 लाख रुपये लागत वाले विकास कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी पार्षदों को अपने-अपने वार्डों में उपयुक्त स्थान चिन्हित कर वेंडिंग जोन विकसित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
क्या है पूरा मामला?
रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने जोन 5, 6 और 7 के अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक कर पेयजल, जलभराव, स्वच्छता, अवैध निर्माण, टाउन प्लानिंग और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई, जवाबदेही तय करने और नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए गए।
आगे क्या?
नगर निगम अब पेयजल पाइपलाइन विस्तार, जलभराव वाले क्षेत्रों का जियो टैगिंग सर्वे, नालों की सफाई, अवैध अतिक्रमण हटाने, स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने और लंबित विकास कार्यों को तेज गति से पूरा करने की दिशा में कार्रवाई करेगा। इन निर्देशों के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. महापौर ने किन जोनों की समीक्षा की?
नगर निगम के जोन क्रमांक 5, 6 और 7 की समीक्षा की गई।
2. बैठक में सबसे अधिक किस मुद्दे पर जोर दिया गया?
पेयजल समस्या के समाधान, जलभराव की रोकथाम और स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
3. जलभराव की समस्या के लिए क्या निर्देश दिए गए?
जियो टैगिंग सर्वे, नालों की सफाई, अवैध पाट और अतिक्रमण हटाने तथा नई नालियों के निर्माण के निर्देश दिए गए।
4. अवैध निर्माणों पर क्या कार्रवाई होगी?
तीन नोटिस के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
5. विकास कार्यों को लेकर क्या निर्णय लिया गया?
जोन-5 के प्रत्येक वार्ड के लिए 4-4 लाख रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने और वेंडिंग जोन विकसित करने के निर्देश दिए गए।
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