35.8 C
Raipur
Friday, June 5, 2026

राजधानी के पास 200 एकड़ जमीन घोटाले का खुलासा, फर्जी दस्तावेजों से कब्जे की साजिश में चार आरोपी गिरफ्तार…

HomeCHHATTISGARHराजधानी के पास 200 एकड़ जमीन घोटाले का खुलासा, फर्जी दस्तावेजों से...

Date:

रायपुर / छत्तीसगढ़

थनौद भूमि फर्जीवाड़ा मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के आरोप में चार आरोपी जेल भेजे गए

हेडलाइंस:

  • ग्राम थनौद की करीब 200 एकड़ भूमि को फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने का आरोप
  • पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा
  • फर्जी मुख्तियारनामा, नकली फोटो और कूटरचित हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर कराई गई रजिस्ट्री
  • करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर कब्जे की साजिश का खुलासा

रायपुर। राजधानी रायपुर से लगे ग्राम थनौद में लगभग 200 एकड़ भूमि को फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से हड़पने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अभनपुर पुलिस की जांच में सामने आया है कि करोड़ों रुपये मूल्य की इस जमीन को कब्जाने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया था। मामले के उजागर होने के बाद राजस्व और पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई है।

फर्जी पहचान बनाकर तैयार किया गया मुख्तियारनामा

पुलिस जांच के अनुसार ग्राम थनौद, तहसील गोबरा नवापारा स्थित विभिन्न खसरा नंबरों की कुल 200 एकड़ भूमि राजस्व अभिलेखों में केशव अवस्थी के नाम दर्ज थी। आरोपियों ने जमीन को अपने नाम कराने के लिए असली भूमि स्वामी की जगह किसी अन्य व्यक्ति को प्रस्तुत किया। इसके बाद फर्जी फोटो, नकली अंगूठा निशानी और कूटरचित हस्ताक्षरों के माध्यम से एक जाली मुख्तियारनामा तैयार किया गया। इसी दस्तावेज के आधार पर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।

दो दिनों में कराई गई जमीन की रजिस्ट्री

जांच में यह भी सामने आया है कि अक्टूबर 2023 में आरोपियों ने बेहद तेजी से जमीन की रजिस्ट्री कराई। पहले दिन भूमि का एक हिस्सा एक आरोपी के नाम दर्ज कराया गया, जबकि अगले ही दिन उसी जमीन के दूसरे हिस्से की रजिस्ट्री दूसरे आरोपी के नाम करवा ली गई। पुलिस का मानना है कि पूरी प्रक्रिया पूर्व नियोजित थी और इसके लिए दस्तावेजों में व्यापक स्तर पर हेरफेर किया गया।

आधार कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ कर कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। इनमें फर्जी मुख्तियारनामा से जुड़े आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।

चार आरोपी गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। जमीन से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि जांच आगे बढ़ने पर इस प्रकरण में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

भूमि घोटालों पर सख्ती का संकेत

इस कार्रवाई को प्रदेश में भूमि संबंधी फर्जीवाड़ों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड और भूमि स्वामित्व से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की जालसाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

ख़बरें और भी
स्वतंत्र छत्तीसगढ़
स्वतंत्र छत्तीसगढ़https://swatantrachhattisgarh.com
(संपादक) इस साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी । स्वतंत्र छत्तीसगढ़ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। स्वतंत्र छत्तीसगढ़ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वतंत्र छत्तीसगढ़ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

भूजल संकट पर सरकार सख्त, रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं लगाने वालों की जमा राशि होगी जब्त…

स्वतंत्र छत्तीसगढ़ हेडलाइंस : गिरते भूजल स्तर को देखते हुए सरकार...