स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हेडलाइंस :
- गिरते भूजल स्तर को देखते हुए सरकार का बड़ा फैसला
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाने पर होगी कार्रवाई
- भवन मालिकों की जमा सुरक्षा राशि राजसात करने की चेतावनी
- 15 जून तक मिशन मोड में काम पूरा करने के निर्देश
- बिलासपुर में 50 हजार बड़े मकानों में से सिर्फ 3717 में ही सिस्टम
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार गिरते भूजल स्तर और हर वर्ष गहराते पेयजल संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाया है। अब शहरी क्षेत्रों के सभी सरकारी, गैरशासकीय, आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार के निर्देश के बाद नगर निगम प्रशासन ने भी अभियान तेज करते हुए ऐसे भवन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है, जिन्होंने भवन निर्माण की अनुमति लेते समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग का वादा तो किया, लेकिन व्यवस्था स्थापित नहीं की।
सर्वे के जरिए तैयार हो रही कार्रवाई की सूची
नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने बताया कि शहर में व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के माध्यम से 150 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भवनों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि किन भवनों में पहले से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम मौजूद है और किन भवनों में अब तक इसे नहीं लगाया गया है। इसके अलावा भूजल स्तर और निगम के पास जमा सुरक्षा निधि का भी मूल्यांकन किया जा रहा है।
जमा सुरक्षा राशि होगी राजसात
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन भवन मालिकों ने भवन नक्शा स्वीकृत कराते समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की शर्त स्वीकार की थी, लेकिन अब तक निर्माण नहीं कराया है, उनकी जमा सुरक्षा राशि जब्त की जा सकती है। इसके बाद नगर निगम स्वयं एजेंसी नियुक्त कर ऐसे भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना का निर्माण कराएगा। यह कदम भूजल संरक्षण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
मानसून से पहले जल संरक्षण की बड़ी तैयारी
सरकार के निर्देश के बाद निगम प्रशासन केवल भवनों तक सीमित नहीं रहेगा। शहर के उद्यानों, बोरवेलों और हैंडपंपों के आसपास भी रिचार्ज पिट बनाए जाएंगे, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। अधिकारियों का दावा है कि मानसून शुरू होने से पहले जल पुनर्भरण की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, जिससे बारिश का पानी सीधे जमीन में समाहित होकर भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करेगा।
15 जून तक मिशन मोड में काम पूरा करने के निर्देश
नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों और नगर पालिका अधिकारियों को 15 जून 2026 तक मिशन मोड में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि सरकारी कार्यालयों, आवासीय परिसरों, निजी कॉलोनियों, अस्पतालों, स्कूलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों में अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया जाए। इसके लिए नियमित निगरानी और समीक्षा भी की जाएगी।
50 हजार बड़े मकानों में केवल 3717 में व्यवस्था
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में कुल 1 लाख 29 हजार 9 मकान पंजीकृत हैं। इनमें लगभग 50 हजार भवन ऐसे हैं जिनका क्षेत्रफल 150 वर्गमीटर से अधिक है और जिनमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक केवल 3717 भवनों में ही यह व्यवस्था स्थापित की गई है। सरकारी भवनों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। वर्ष 2011 के बाद निर्मित भवनों में केवल 254 शासकीय भवनों में ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम उपलब्ध है।
निगम खाते में जमा हैं 10.79 करोड़ रुपये
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2019-20 से अब तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने वाले भवन मालिकों को लगभग 1.55 करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि वापस की जा चुकी है। जबकि 10 करोड़ 79 लाख 43 हजार रुपये की राशि अभी भी निगम के खाते में जमा है। यह राशि केवल उन्हीं भवन मालिकों को वापस मिलेगी जो रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाकर पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे।
जल संरक्षण को लेकर बढ़ी प्रशासनिक सख्ती
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शहरों में वर्षा जल का प्रभावी संचयन किया जाए तो भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार संभव है। इसी उद्देश्य से सरकार ने अब केवल जागरूकता नहीं बल्कि नियमों के सख्त पालन की दिशा में कदम बढ़ाया है। आने वाले दिनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं करने वाले भवन मालिकों पर प्रशासनिक कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।
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