स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हेडलाइंस :
- शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 48 लाख रुपये की ठगी का मामला
- सुपेला पुलिस ने आरोपी टोमन दास साहू को किया गिरफ्तार
- हर महीने 3 प्रतिशत मुनाफा देने का देता था लालच
- निवेशकों को दिए गए कई चेक हुए बाउंस
- 10 से अधिक अन्य पीड़ितों के सामने आने की संभावना
भिलाई। शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को सुपेला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी टोमन दास साहू खुद को शेयर ट्रेडिंग का विशेषज्ञ बताकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करता था और हर महीने 3 प्रतिशत तक रिटर्न देने का भरोसा देता था। शुरुआती कुछ महीनों तक वह निवेशकों को लाभांश देकर उनका विश्वास जीतता रहा, लेकिन बाद में रकम लौटाने से इनकार कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
घर और कार्यालय से जब्त हुए दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
पुलिस के अनुसार आरोपी सुपेला की पुरानी बस्ती क्षेत्र का निवासी है। उसके खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर जांच की गई। आरोपी के घर और कार्यालय की तलाशी के दौरान एक कार, लैपटॉप, सीपीयू, की-बोर्ड, दो मॉनिटर, 10 चेक बुक, दो मोबाइल फोन, लेन-देन से संबंधित चार डायरियां तथा कई अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
सेवानिवृत्त कर्मचारी से 10 लाख रुपये की ठगी
पहले मामले में सेक्टर-6 भिलाई निवासी और शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी पी.पी. राव ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार आरोपी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि शेयर मार्केट में निवेश करने पर हर महीने 3 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा और मूलधन पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। आरोपी की बातों पर विश्वास कर उन्होंने दिसंबर 2024 में 10 लाख रुपये निवेश किए थे। शुरुआती छह महीनों तक उन्हें लाभांश मिलता रहा, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। जब उन्होंने अपनी राशि वापस मांगी तो आरोपी द्वारा दिए गए कई चेक बैंक में बाउंस हो गए।
सरकारी कर्मचारी और साथी से 38 लाख रुपये की ठगी
दूसरे मामले में रायपुर निवासी दीपक गाडगे और उनके साथी भीष्म महिलांग ने शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि आरोपी ने दोनों को भी निवेश पर आकर्षक लाभ का भरोसा दिलाया। दीपक गाडगे ने विभिन्न माध्यमों से लगभग 23 लाख रुपये निवेश किए, जबकि उनके साथी ने करीब 15 लाख रुपये लगाए। कुछ समय तक नियमित भुगतान करने के बाद आरोपी ने रकम लौटाना बंद कर दिया। बाद में 12 लाख रुपये का चेक दिया गया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया।
रकम मांगने पर देता था धमकी
पीड़ितों का आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर आरोपी बहाने बनाता था और कई बार मिलने से भी बचता था। शिकायतकर्ताओं के अनुसार वह व्हाट्सएप कॉल के जरिए गाली-गलौज करता था तथा जान से मारने और गायब कर देने जैसी धमकियां भी देता था। आरोपी यह भी दावा करता था कि उसके पास मौजूद दस्तावेजों और एग्रीमेंट के आधार पर कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
जांच में सामने आ सकते हैं और भी बड़े खुलासे
पुलिस के अनुसार अब तक 10 से अधिक अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी सामने आई है। आशंका जताई जा रही है कि ठगी की कुल राशि 48 लाख रुपये से कहीं अधिक हो सकती है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले निवेशकों को समय पर लाभांश देकर उनका भरोसा जीतता था और फिर बड़ी रकम निवेश करवाने के बाद भुगतान बंद कर देता था। पुलिस आरोपी के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और जब्त दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है, जिससे मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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