बलौदा बाजार / छत्तीसगढ़
किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए कृषि विभाग का सघन अभियान, अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई
हेडलाइंस
- बलौदाबाजार जिले में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई
- 17 बोतल ह्यूमिक एसिड जब्त, चार संस्थानों को कारण बताओ नोटिस
- खाद भंडारण और वितरण रिकॉर्ड में मिली अनियमितताएं
- खरीफ सीजन को देखते हुए जिलेभर में चल रहा औचक निरीक्षण अभियान
- किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने पर प्रशासन का फोकस
बलौदाबाजार। खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत के साथ किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने जिलेभर में सघन जांच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर मंगलवार को विभिन्न सहकारी समितियों और कृषि सेवा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने पर विभाग ने 17 बोतल ह्यूमिक एसिड जब्त करते हुए दो सहकारी समितियों और दो कृषि सेवा केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में खाद और उर्वरक कारोबार से जुड़े संस्थानों में हड़कंप मच गया है।
रोहांसी समिति में दस्तावेज नहीं मिलने पर जब्ती की कार्रवाई
विकासखंड पलारी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रोहांसी के निरीक्षण के दौरान उर्वरक निरीक्षक सुचिन वर्मा ने पाया कि समिति में उपलब्ध ह्यूमिक एसिड से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए विभाग ने मौके पर रखी 17 बोतल (500 मिलीलीटर) ह्यूमिक एसिड जब्त कर ली। साथ ही समिति प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
छेरकापुर समिति में स्टॉक और रिकॉर्ड में मिला अंतर
निरीक्षण अभियान के दौरान प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति छेरकापुर में भी गड़बड़ी सामने आई। अधिकारियों ने पाया कि भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरक स्टॉक और पॉस मशीन में दर्ज मात्रा में अंतर है। रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण में असमानता मिलने के बाद समिति को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद वितरण और भंडारण से जुड़े रिकॉर्ड में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
देवसुन्द्रा के दो कृषि सेवा केंद्रों पर भी कार्रवाई
ग्राम देवसुन्द्रा में संचालित मुन्ना कृषि सेवा केंद्र और देव कृषि केंद्र का निरीक्षण करने पर पाया गया कि दोनों संस्थान उर्वरक विक्रय से संबंधित नियमित जानकारी विभाग को उपलब्ध नहीं करा रहे थे। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए दोनों केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि सभी विक्रेताओं को निर्धारित नियमों के अनुसार नियमित प्रतिवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
अन्य केंद्रों का भी किया गया निरीक्षण
निरीक्षण दल ने ग्राम दतान स्थित वेद कृषि सेवा केंद्र, डबल लॉक पलारी तथा ग्राम सकरी स्थित साहू ट्रेडर्स का भी निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉक, वितरण व्यवस्था और अभिलेखों की जांच कर संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। विभाग ने पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने और रिकॉर्ड को अद्यतन रखने पर विशेष जोर दिया।
जिले में 35 हजार मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक का भंडारण
कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन 2026 के लिए जिले को कुल 85 हजार 430 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। वर्तमान में जिले में 35 हजार 800 मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। इसमें यूरिया 19,414 मीट्रिक टन, डीएपी 4,315 मीट्रिक टन, पोटाश 2,062 मीट्रिक टन, एसएसपी 4,896 मीट्रिक टन तथा एनपीके 5,113 मीट्रिक टन शामिल है।
12 हजार मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक किसानों तक पहुंचा
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले के किसानों को कुल 12 हजार 216 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया जा चुका है। अधिकारियों का दावा है कि वर्तमान में केवल सहकारी समितियों में ही लगभग 25 हजार 976 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है और आवश्यकता के अनुसार लगातार नई खेप भी मंगाई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है।
किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
उप संचालक कृषि दीपक नायक ने बताया कि जिले में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला एवं अनुविभाग स्तर पर विशेष उड़नदस्ता दल गठित किए गए हैं। ये दल थोक और फुटकर विक्रय केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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