बिलासपुर/छत्तीसगढ़
निःशुल्क हृदय सर्जरी के सफल चरण-1 के बाद अब 300 और बच्चों के इलाज का संकल्प
बिलासपुर: साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के जन्मजात हृदय दोष (सीएचडी) से पीड़ित बच्चों के लिए एक सराहनीय पहल करते हुए 360 निःशुल्क जीवनरक्षक हृदय सर्जरी पूरी होने का जश्न मनाया। इस अवसर पर एसईसीएल और श्री सत्य साई स्वास्थ्य एवं शिक्षा ट्रस्ट के बीच चरण-2 के तहत 300 और सर्जरी के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

भावनात्मक क्षणों के बीच हुआ कार्यक्रम का आयोजन
डॉ. सी. राजेश्वरी सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी और ट्रस्ट के ट्रस्टी विवेक नारायण गौर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भावनात्मक बना दिया।

बच्चों को मिला ‘जीवन का उपहार’
कार्यक्रम में 3 महीने से 15 वर्ष तक के 8 बच्चों को ‘जीवन का उपहार’ प्रमाण पत्र दिया गया, वहीं 18 अन्य बच्चों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। इन बच्चों की सफल सर्जरी के बाद उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। कई माता-पिता भावुक होकर अपने आंसू नहीं रोक पाए। रतनपुर की एक बच्ची को अस्पताल में 63 दिन आईसीयू में रहना पड़ा, जिसकी कहानी ने सभी को भावुक कर दिया।

सीएसआर के जरिए बदल रही ज़िंदगियां
निदेशक बिरंची दास ने कहा कि एसईसीएल का उद्देश्य वंचितों तक पहुंचकर उनकी सेवा करना है। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत बच्चों को नया जीवन मिला है और अब वे अपने भविष्य को संवार सकेंगे। उन्होंने आगे 300 और सर्जरी कराने की घोषणा करते हुए इस अभियान को जारी रखने का संकल्प दोहराया।
16 जिलों में लगे चिकित्सा शिविर
चरण-2 के तहत मनेंद्रगढ़, बलरामपुर, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, राजनांदगांव, धमतरी, बालाघाट, सतना और सागर जिलों में स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए। पिछले एक वर्ष में 50 शिविरों में 4300 से अधिक बच्चों की जांच की गई।
कौशल विकास से रोजगार की दिशा
एसईसीएल द्वारा नवा रायपुर में एक स्वास्थ्य सेवा कौशल विकास संस्थान भी स्थापित किया जा रहा है। इस संस्थान में ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को पैरामेडिकल प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे स्वास्थ्य सेवाओं में रोजगार प्राप्त कर सकें। यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क होगा।
मानवीय पहल की सराहना
ट्रस्टी विवेक गौर ने एसईसीएल की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करेगा, बल्कि युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, लेकिन यह पहल हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियां छोड़ गई।
खबरें और भी…


