रायपुर / छत्तीसगढ़
नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित सम्मेलन में नई आवासीय योजनाओं, जीएसटी प्रणाली और दिव्यांगजन भर्ती प्रस्तावों को स्वीकृति
हेडलाइंस
- गृह निर्माण मंडल के 86वें सम्मेलन में कई अहम प्रस्ताव पारित
- रायपुर, जशपुर और मुंगेली की आवासीय परियोजनाओं को मिली मंजूरी
- करीब 45 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान
- जीएसटी भुगतान प्रणाली और दिव्यांगजन भर्ती नियमों में एकरूपता का निर्णय
- 2026 के पहले चार महीनों में 317 करोड़ की संपत्तियों का विक्रय
रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के 86वें मंडल सम्मेलन में प्रदेश की आवासीय और अधोसंरचना परियोजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंडल मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता अनुराग सिंह देव ने की। सम्मेलन में नई आवासीय योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और नीतिगत प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए विभिन्न परियोजनाओं के लिए लगभग 45 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मंडल अध्यक्ष ने कहा कि इन योजनाओं से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण आवास और आधुनिक अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी।
तीन बड़ी आवासीय परियोजनाओं को मिली स्वीकृति
सम्मेलन में रायपुर जिले के तिल्दा स्थित कोहका में दीनदयाल आवास कॉलोनी परियोजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के अंतर्गत 76 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 10.37 करोड़ रुपए है। वहीं जशपुर जिले के गिनाबहार में स्ववित्तीय अटल विहार योजना के तहत 97 आवासीय भवनों और 7 एकड़ भूमि विकास कार्य के लिए करीब 17.51 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा मुंगेली जिले के सारधा क्षेत्र में 200 ईडब्ल्यूएस आवासों और बाह्य विकास कार्यों हेतु लगभग 16.94 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। इन तीनों परियोजनाओं की कुल लागत करीब 44.82 करोड़ रुपए बताई गई है।
जीएसटी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में एकरूपता पर जोर
सम्मेलन में निर्माण कार्यों से संबंधित जीएसटी भुगतान प्रणाली और रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र की प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए समान मानक प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सीधी भर्ती में दिव्यांगजनों के आरक्षण संबंधी पदों के चिन्हांकन को समाज कल्याण विभाग की अधिसूचना के अनुरूप लागू करने का निर्णय लिया गया। मंडल अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के समान पुनरीक्षित महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के संचालन को मिली नई दिशा
सम्मेलन में क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन और रखरखाव के लिए लाइसेंस आधारित पीपीपी मॉडल के तहत एजेंसी चयन प्रक्रिया को भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके लिए निविदा दस्तावेज और लाइसेंस अनुबंध प्रारूप का अनुमोदन किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इससे आधुनिक सुविधाओं के संचालन और रखरखाव में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा।
चार महीनों में 317 करोड़ की संपत्तियों का विक्रय
मंडल सम्मेलन में सदस्यों को बताया गया कि वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में मंडल द्वारा लगभग 317 करोड़ रुपए मूल्य की 1,647 संपत्तियों का सफल विक्रय किया गया है। इसे मंडल की योजनाओं के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास और आवासीय परियोजनाओं की लोकप्रियता का संकेत माना जा रहा है। सम्मेलन में मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण, विशेष सचिव डी.एस. भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि जी.आर. रावटे, वित्त विभाग के प्रतिनिधि निखिल अग्रवाल, हुडको प्रतिनिधि हितेश बरोट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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