रायपुर / छत्तीसगढ़
धान खरीदी से डिजिटल खेती तक छत्तीसगढ़ की योजनाओं की देशभर में सराहना, केंद्रीय कृषि मंत्री ने दी बधाई
हेडलाइंस
- भुवनेश्वर जोनल कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ मॉडल की हुई चर्चा
- तिलहन मिशन में लक्ष्य प्राप्ति पर राज्य को मिला पहला स्थान
- किसानों को 1.40 लाख करोड़ रुपए का सीधा भुगतान
- भूमिहीन मजदूरों और आदिवासी क्षेत्रों के लिए विशेष योजनाएं
- एआई, ड्रोन और डिजिटल पोर्टल से आधुनिक बन रही खेती व्यवस्था
रायपुर। रामविचार नेताम ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय जोनल कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ को कृषि सुधारों, किसान कल्याण और टिकाऊ खेती के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि विविधीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तिलहन मिशन के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ की सराहना करते हुए राज्य को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी।
धान खरीदी में बना देश का अग्रणी राज्य
सम्मेलन में मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि छत्तीसगढ़ में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। उन्होंने इसे देश की सबसे पारदर्शी और ऐतिहासिक समर्थन व्यवस्था बताया। मंत्री ने जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार ने 437 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की है और किसानों के खातों में लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपए का सीधा भुगतान किया गया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिला है।
भूमिहीन मजदूरों और आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष फोकस
मंत्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार केवल बड़े किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत 5 लाख से अधिक परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की सहायता सीधे बैंक खातों में दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बस्तर में कॉफी और अनासपाती तथा जशपुर में चाय की खेती को बढ़ावा देकर आदिवासी क्षेत्रों में नई आर्थिक संभावनाएं तैयार की जा रही हैं।
डिजिटल और हाईटेक खेती की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने सम्मेलन में बताया कि राज्य में कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए 128 हाईटेक नर्सरी, 71 कोल्ड स्टोरेज, 63 पैकहाउस और 428 सोलर ड्रायर विकसित किए गए हैं। इसके अलावा ऑयल पाम, बांस मिशन, प्राकृतिक खेती और कृषि वानिकी जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि एआई, ड्रोन तकनीक और एकीकृत किसान पोर्टलों के माध्यम से खेती को अधिक डिजिटल, आधुनिक और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को राहत
सम्मेलन में बताया गया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रदेश के लगभग 4.89 लाख किसानों को 854 करोड़ रुपए से अधिक की दावा राशि वितरित की गई है। इससे प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को बड़ी राहत मिली है। कृषि विभाग ने दलहन-तिलहन विस्तार और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाएं लागू की हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने की विशेष सराहना
राष्ट्रीय जोनल कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एग्रीस्टेक पोर्टल, पीएम आशा योजना, प्राकृतिक खेती और तिलहन मिशन में छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट प्रदर्शन की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच तिलहन मिशन में लक्ष्य प्राप्ति के मामले में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री और छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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