रायगढ़ / छत्तीसगढ़
सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंच रहा त्वरित समाधान, रायगढ़ में तीन जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक संपन्न
प्रमुख बिंदु
- रायगढ़ में मुख्यमंत्री ने रायगढ़, कोरबा और जांजगीर-चांपा जिलों की समीक्षा बैठक ली
- राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर
- मुख्यमंत्री जनसुनवाई सेवा शीघ्र प्रारंभ करने की घोषणा
- किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
रायगढ़। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने सुशासन तिहार के अंतर्गत रायगढ़ जिला कार्यालय के सृजन सभाकक्ष में रायगढ़, कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचे तथा आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और आम नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सुशासन तिहार से मजबूत हुआ जनता का विश्वास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का सकारात्मक प्रभाव अब गांवों और शहरों तक दिखाई देने लगा है। शासन और प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, जिससे लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। बैठक में वित्त मंत्री O. P. Choudhary, सांसद Radheshyam Rathia, राज्यसभा सांसद Devendra Pratap Singh सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राजस्व मामलों और शिकायतों के निराकरण पर विशेष निर्देश
मुख्यमंत्री ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समयसीमा से बाहर और एक वर्ष से अधिक लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामले सीधे आम नागरिकों के जीवन और आजीविका को प्रभावित करते हैं, इसलिए इनके समाधान में संवेदनशीलता आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने राजस्व अभिलेखों की त्रुटियां शीघ्र सुधारने तथा जानबूझकर गलती करने वाले कर्मचारियों और पटवारियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में शीघ्र ही मुख्यमंत्री जनसुनवाई सेवा प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक दूरभाष और अन्य माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा शिकायतों के निराकरण की सतत निगरानी की जाएगी।
पेयजल, स्वास्थ्य और खरीफ तैयारी पर दिया जोर
ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न हो। साथ ही वर्षा ऋतु में संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अग्रिम तैयारी रखने को कहा गया। खरीफ मौसम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए, ताकि खाद की कमी से खेती प्रभावित न हो।
महिला सशक्तिकरण और योजनाओं के प्रभावी संचालन पर बल
मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला सशक्तिकरण के तहत अधिक संख्या में “ड्रोन दीदी” तैयार करने तथा महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी संचालन के निर्देश देते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। सेवा सेतु व्यवस्था में बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों के लिए नागरिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
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