बिलासपुर/ छत्तीसगढ़
10 लाख लेकर रजिस्ट्री नहीं करने और विवादित जमीन पर 4.5 करोड़ लोन लेने का आरोप, अग्रिम जमानत याचिका खारिज
हेडलाइंस
- सिंपलेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड की डायरेक्टर संगीता शाह और केतन शाह की अग्रिम जमानत खारिज
- दुर्ग कोर्ट ने मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर माना
- विवादित जमीन पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप
- सुपेला थाना पुलिस ने कई धाराओं में दर्ज किया केस
- आरोपी पक्ष हाईकोर्ट पहुंचा, पीड़ित ने गिरफ्तारी की मांग उठाई
जमीन सौदे से शुरू हुआ विवाद, करोड़ों के लोन तक पहुंचा मामला
दुर्ग जिले में जमीन धोखाधड़ी के एक चर्चित मामले में सिंपलेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड की डायरेक्टर संगीता केतन शाह और उनके पति केतन शाह को बड़ा कानूनी झटका लगा है। अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश पी. एस. मरकाम की अदालत ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामला गंभीर प्रकृति का है और आरोपियों को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
मामला जुनवानी स्थित विवादित जमीन से जुड़ा हुआ है, जहां शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने जमीन को विवादमुक्त बताकर 50 लाख रुपए में सौदा किया और 10 लाख रुपए एडवांस लेने के बाद रजिस्ट्री नहीं कराई। आरोप है कि बाद में उसी जमीन पर करीब 4.50 करोड़ रुपए का लोन भी लिया गया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर
पीड़ित सुनील कुमार सोमन की ओर से अधिवक्ता अभिषेक दास वैष्णव ने अदालत में पक्ष रखते हुए बताया कि 13 मार्च 2023 को ग्राम कोहका की जमीन का सौदा हुआ था। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने जमीन की वास्तविक स्थिति छिपाई और बाद में सौदे से मुकर गए। कोर्ट के आदेश के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने सुपेला थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्रभावशाली होने के कारण आरोपियों पर कार्रवाई में देरी की जा रही है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में कराने और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
आरोपी पक्ष ने कोर्ट में रखा अपना बचाव
संगीता शाह ने अदालत में कहा कि शिकायत लगभग तीन वर्ष बाद दर्ज कराई गई, जबकि 10 लाख रुपए की अग्रिम राशि शिकायतकर्ता को 10 अक्टूबर 2024 को बैंक खाते के माध्यम से लौटा दी गई थी। आरोपी पक्ष ने दावा किया कि शिकायतकर्ता ने यह तथ्य कोर्ट से छिपाया। साथ ही यह भी कहा गया कि जमीन पर लोन की प्रक्रिया बाद में शुरू हुई थी और उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
संगीता शाह ने कोर्ट को बताया कि वे सिंपलेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और कंपनी से हजारों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पहले राज्य सरकार द्वारा सर्वश्रेष्ठ महिला उद्यमी सम्मान से नवाजा जा चुका है।
पुराने मामलों का भी अदालत ने लिया संज्ञान
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य भी रखा गया कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी पुलगांव थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हो चुका है। उस प्रकरण में हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दी थी। अदालत ने माना कि आरोपियों ने पूर्व शर्तों का पालन नहीं किया और दोबारा समान प्रकार की गतिविधियों में शामिल पाए गए।
अदालत ने सभी तथ्यों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अब आरोपी पक्ष राहत के लिए हाईकोर्ट पहुंच गया है, जबकि पीड़ित पक्ष लगातार गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
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