बिलासपुर / छत्तीसगढ़
हाइलाइट्स (मुख्य बिंदु)
- बैंक ऑडिट में सामने आई 1.38 करोड़ रुपए की बड़ी वित्तीय गड़बड़ी
- गोल्ड लोन में असली सोने की जगह नकली आभूषण मिले
- ग्राहकों के खातों से फर्जी हस्ताक्षर कर 87.95 लाख का ट्रांजेक्शन
- एफडी पर ओवरड्राफ्ट कर 28.29 लाख की अवैध निकासी
- आरोपी डिप्टी ब्रांच मैनेजर और उसका पति 22 सितंबर 2025 से फरार
बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत मंगला स्थित ICICI बैंक शाखा में करोड़ों रुपए की हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक के डिप्टी ब्रांच मैनेजर पर आरोप है कि उसने अपने पति और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर लगभग 1.38 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब शाखा के वर्तमान ब्रांच मैनेजर अरूप पाल ने नियमित ऑडिट के दौरान वित्तीय दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं पाईं। जांच में यह भी सामने आया कि एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट का अंतिम पन्ना जानबूझकर गायब किया गया था, जिससे संदेह और गहरा गया।
ऑडिट में खुला बड़ा खेल
बारीकी से जांच करने पर सामने आया कि गोल्ड लोन के तहत रखे गए चार पाउचों में असली सोने के गहनों की जगह नकली आभूषण रख दिए गए थे। इसके अलावा, कई ग्राहकों के खातों से फर्जी हस्ताक्षर कर कुल 87.95 लाख रुपए के 14 अवैध ट्रांजेक्शन किए गए। एक महिला ग्राहक की एफडी पर ओवरड्राफ्ट कर बिना अनुमति 28.29 लाख रुपए निकाल लिए गए। यह भी पाया गया कि कई ग्राहकों के फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण वाउचर बैंक रिकॉर्ड से गायब कर दिए गए थे।
पति के साथ मिलकर रची साजिश
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी डिप्टी ब्रांच मैनेजर ने अपने पति के साथ मिलकर इस पूरे घोटाले की साजिश रची थी, जो खुद भी बैंक कर्मचारी बताया जा रहा है। आरोपी महिला ग्राहकों के घर जाकर बैंकिंग सेवाएं देने के नाम पर उनके मोबाइल ऐप का एक्सेस हासिल करती थी और उसी के जरिए धोखाधड़ी को अंजाम देती थी। इस सुनियोजित तरीके से अगस्त 2024 से सितंबर 2025 के बीच लगातार गड़बड़ियां की गईं।
पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआर साहू ने ब्रांच मैनेजर की शिकायत पर आरोपी महिला, उसके पति और अन्य के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। बताया जा रहा है कि दोनों मुख्य आरोपी 22 सितंबर 2025 से फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है।
ग्राहकों में बढ़ी चिंता
इस घटना के सामने आने के बाद बैंक ग्राहकों में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। कई ग्राहक अब अपने खातों और निवेश की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। बैंक प्रबंधन भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच को और मजबूत करने तथा ग्राहकों को भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहा है।
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