स्वतंत्र छत्तीसगढ़
एक सप्ताह की विदेश यात्रा में वैश्विक नेताओं से करेंगे मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर रहेगा फोकस
प्रमुख बिंदु
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सप्ताह की विदेश यात्रा पर रवाना
- फ्रांस और स्लोवाकिया का करेंगे आधिकारिक दौरा
- जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे
- फ्रांस के साथ रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार
- स्लोवाकिया की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने
- वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर होगी चर्चा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की एक सप्ताह लंबी आधिकारिक यात्रा पर रवाना हो गए। इस दौरान वे जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के साथ-साथ कई देशों के शीर्ष नेताओं से द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री ने यात्रा से पहले जारी अपने संदेश में कहा कि यह दौरा भारत के अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने और वैश्विक साझेदारियों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
फ्रांस भारत का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की रणनीतिक सोच में फ्रांस का विशेष स्थान है। उन्होंने बताया कि वर्ष की शुरुआत में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और वैश्विक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
स्लोवाकिया यात्रा बनेगी ऐतिहासिक
प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया यात्रा को ऐतिहासिक माना जा रहा है। वर्ष 1993 में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह पहला अवसर है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री स्लोवाकिया की आधिकारिक यात्रा पर जा रहा है। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
आर्थिक और निवेश सहयोग पर रहेगा विशेष जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्लोवाकिया के साथ भारत के संबंध लगातार विकसित हो रहे हैं। उनकी यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश, नवाचार, औद्योगिक सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत की उपस्थिति और प्रभाव को नई मजबूती मिलेगी।
जी-7 सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों पर रखेंगे भारत का दृष्टिकोण
जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भारत का पक्ष रखेंगे। सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका
भारत लगातार वैश्विक मंचों पर अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक सहयोग को नई गति देने वाली मानी जा रही है। विदेश नीति के जानकारों का मानना है कि इस दौरे से भारत और यूरोपीय देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खुलेंगे तथा वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका और अधिक सशक्त होगी।


