कांकेर / छत्तीसगढ़
कांकेर के माकड़ी चौक में किसानों का प्रदर्शन, मानसून के बीच डीजल नहीं मिलने से खेती प्रभावित होने का आरोप
हेडलाइंस
- डीजल की कमी से नाराज किसानों ने किया चक्काजाम
- माकड़ी चौक में ट्रैक्टर खड़े कर नेशनल हाइवे 30 रोका
- दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार, यात्रियों को हुई परेशानी
- किसानों ने खेती-किसानी प्रभावित होने का लगाया आरोप
- प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आंदोलन
कांकेर। जिले में डीजल संकट को लेकर किसानों का आक्रोश सोमवार देर रात सड़क पर दिखाई दिया। डीजल की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से नाराज किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 स्थित माकड़ी चौक में ट्रैक्टर खड़े कर चक्काजाम कर दिया। अचानक हुए इस प्रदर्शन से नेशनल हाइवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई बसें, ट्रक और निजी वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
डीजल नहीं मिलने से खेती पर संकट
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि मानसून की शुरुआत के साथ ही खेतों की जुताई और अन्य कृषि कार्यों का समय आ गया है, लेकिन डीजल की कमी के कारण वे अपने खेतों में काम नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से डीजल की उपलब्धता प्रभावित है और कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि समय पर डीजल नहीं मिला तो खेती का पूरा सीजन प्रभावित हो सकता है।
रात में उग्र हुआ आंदोलन
जानकारी के अनुसार रात करीब साढ़े दस बजे बड़ी संख्या में किसान माकड़ी चौक पहुंचे और सड़क के बीच ट्रैक्टर खड़े कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने डीजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग को लेकर नारेबाजी भी की। देखते ही देखते राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। इससे लंबी दूरी की बसों, मालवाहक वाहनों और निजी गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई।
दिन में भी किया था प्रदर्शन
किसानों ने बताया कि इससे पहले दिन के समय दुधावा चौक में भी चक्काजाम कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया था। उस समय अधिकारियों की समझाइश के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया था, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से किसान देर रात फिर सड़क पर उतर आए। किसानों का कहना है कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि नियमित डीजल आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।
प्रशासन ने की समझाइश
चक्काजाम की सूचना मिलते ही कांकेर तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने पेट्रोल पंपों के माध्यम से किसानों को प्रतिदिन दो हजार रुपए तक का डीजल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। हालांकि किसानों ने इसे पर्याप्त नहीं बताते हुए अपनी नाराजगी जताई।
मानसून के बीच बढ़ी किसानों की चिंता
किसानों का कहना है कि कृषि कार्यों के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण समय है और यदि डीजल संकट जारी रहा तो फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका तर्क है कि खेती का समय सीमित होता है और देरी होने पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए सरकार और प्रशासन को जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
आश्वासन के बाद खत्म हुआ चक्काजाम
प्रशासन के साथ हुई चर्चा और डीजल उपलब्ध कराने के आश्वासन के बाद किसानों ने देर रात अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और सड़क से हट गए। इसके बाद नेशनल हाइवे-30 पर यातायात सामान्य हो सका। हालांकि किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि डीजल आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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