38.1 C
Raipur
Friday, May 1, 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिला आरक्षण पर सियासी टकराव, संकल्प प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित…

HomeChhattisgarhछत्तीसगढ़ विधानसभा में महिला आरक्षण पर सियासी टकराव, संकल्प प्रस्ताव ध्वनि मत...

Date:

रायपुर / छत्तीसगढ़

हाइलाइट :

  • महिला आरक्षण पर सरकार का संकल्प प्रस्ताव पारित
  • विपक्ष ने किया बहिष्कार, सदन में तीखी बहस
  • मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना
  • विशेष सत्र के बाद विधानसभा स्थगित

छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिला आरक्षण को लेकर सरकार की ओर से लाया गया संकल्प प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हो गया, लेकिन इस मुद्दे पर राजनीतिक खींचतान साफ नजर आई। विपक्ष ने प्रस्ताव का बहिष्कार कर दिया, जिससे सदन का माहौल गरम रहा। यह विशेष सत्र खास तौर पर महिला आरक्षण के समर्थन में संकल्प पारित करने के लिए बुलाया गया था, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

मुख्यमंत्री का कांग्रेस पर हमला

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” का विपक्ष ने बिना ठोस कारण विरोध किया। उन्होंने परिसीमन और जनगणना के मुद्दे को लेकर उठाए गए सवालों को निराधार बताया। साय ने कहा कि परिसीमन से क्षेत्र का संतुलन बेहतर होता और विकास की गति तेज होती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अपेक्षित काम नहीं किया।

सदन में बहस और आरोप-प्रत्यारोप

विधानसभा में चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक लता उसेंडी ने विपक्ष पर महिला आरक्षण को रोकने का आरोप लगाया। इसके जवाब में कांग्रेस विधायक अनिल भेड़िया ने इसे चुनावी मुद्दा करार देते हुए कहा कि बिल पहले ही पारित हो चुका है, लेकिन लागू नहीं किया गया। इस पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिसने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।

विशेष सत्र के बाद कार्यवाही स्थगित

एक दिन के इस विशेष सत्र में संकल्प प्रस्ताव पारित होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। यह सत्र पूरी तरह महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्रित था। हालांकि प्रस्ताव पारित हो गया, लेकिन विपक्ष के बहिष्कार और तीखी बहस ने यह संकेत दे दिया कि आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और गरमा सकता है।

महिला आरक्षण पर आगे की राजनीति

महिला आरक्षण को लेकर केंद्र और राज्य की राजनीति में लगातार बयानबाजी जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण पर किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया। वहीं विपक्ष इसे लागू करने में देरी और राजनीतिक लाभ से जोड़ रहा है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि महिला आरक्षण आने वाले चुनावों में एक अहम राजनीतिक मुद्दा बनने जा रहा है।

ख़बरें और भी…

स्वतंत्र छत्तीसगढ़
स्वतंत्र छत्तीसगढ़https://swatantrachhattisgarh.com
(संपादक) इस साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी । स्वतंत्र छत्तीसगढ़ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। स्वतंत्र छत्तीसगढ़ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वतंत्र छत्तीसगढ़ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

छत्तीसगढ़ में मौसम बदला : गरियाबंद में बारिश और ओलावृष्टि से गर्मी पर ब्रेक…

गरियाबंद /छत्तीसगढ़ मुख्य बातें: गरियाबंद जिले में तेज बारिश के...

संतोष सिंह बने CISF साउथ जोन-2 के DIG, तीन राज्यों की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी…

रायपुर / छत्तीसगढ़ मुख्य बिंदु : छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस...

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक शुरू, बड़े फैसलों पर टिकी नजर

स्वतंत्र छत्तीसगढ़ 🔶 हाइलाइट बॉक्स:छत्तीसगढ़ सरकार की अहम कैबिनेट...