स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डेस्क – रायपुर
हाइलाइट
- श्री बालाजी विद्या मंदिर में इंटर स्कूल भक्ति गीत प्रतियोगिता आयोजित
- 32 जूनियर और 6 सीनियर प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
- विभिन्न प्रतिष्ठित स्कूलों के छात्रों ने दी मनमोहक प्रस्तुति
- फाइनल राउंड की तिथि जल्द घोषित होगी
रायपुर: आंध्रा एसोसिएशन के तत्वावधान में इंटर स्कूल ‘आराधना भक्ति गीत एकल गायन प्रतियोगिता’ का आयोजन श्री बालाजी विद्या मंदिर, देवेंद्र नगर स्थित के.जे.एस. राव मेमोरियल हॉल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। संस्था के अध्यक्ष श्री जी. स्वामी ने इस अवसर पर बच्चों और पालकों को बधाई देते हुए कहा कि इस आयोजन की सफलता में सभी का सामूहिक सहयोग महत्वपूर्ण रहा है।
सहभागिता: शहर के प्रमुख विद्यालयों के छात्रों ने दिखाया हुनर
टी. श्रीनिवास रेड्डी ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और तैयारी कार्यक्रम को और भी आकर्षक बनाएगी। प्रतियोगिता में राजकुमार कॉलेज, होली क्रॉस कांपा, आर.के. शारदा भवन, केपीएस डूंडा, एमजीएम, सेंट मेरी, संत ज्ञानेश्वर, एनएच गोयल, सेंट जेवियर, वेदास गुरुकुलम, डीपीएस, अभिभावक विद्यालय, परमानंद एकेडमी, विचक्षणा स्कूल सहित श्री बालाजी विद्या मंदिर के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और अपने सुमधुर भजनों से सभी का मन मोह लिया।
प्रस्तुति: संगीत और संस्कार का सुंदर संगम
संगीत शिक्षक श्री रजत दत्त के निर्देशन में शाला की शिक्षिकाओं ने “इतनी शक्ति हमें देना दाता” भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया। प्रारंभिक चरण में 32 जूनियर और 6 सीनियर प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का द्वितीय चरण (फाइनल राउंड) की तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी। निर्णायक मंडल में उपप्राचार्या श्रीमती मौसमी भट्टाचार्या, श्रीमती शहला अहमद, बी. शैलजा और रत्ना राव शामिल रहीं।
प्रतिक्रिया: पालकों और अतिथियों ने सराहा आयोजन
कार्यक्रम में मोहन के. नायडू, एम. श्रीनिवास राव, पी. अमित नायडू, बी.वी.एस. राजकुमार, टी. सुरेश और श्रीकाशी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, शिक्षक एवं पालकगण उपस्थित रहे। अभिभावकों ने बच्चों की प्रतिभा और मंच की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करते हैं।
समापन: सांस्कृतिक विरासत को संजोने का संदेश
शाला की प्राचार्या डॉ. फ्रेनी जय प्रकाश ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है और ऐसे कार्यक्रम इसे आगे बढ़ाने का माध्यम हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षिका श्रीमती रिंकू मजूमदार एवं स्निग्धाश्री के मार्गदर्शन में कक्षा 12वीं की छात्राओं रश्मि मुदलियार और टी. हासिनी ने किया।
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