स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डेस्क
1200 एकड़ में हो रही केमिकल-फ्री खेती, किसानों को मुफ्त प्रशिक्षण और बायबैक की सुविधा.
रायपुर:छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें नेचुरल खेती की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से Kuro Rice द्वारा एक सराहनीय पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत किसानों को ब्लैक राइस (काला चावल) की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी और बाजार में उच्च मांग वाला उत्पाद माना जाता है।

वर्तमान में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 1200 एकड़ भूमि में Kuro Rice की खेती की जा रही है। इस पहल में बड़ी संख्या में किसान जुड़ रहे हैं और आधुनिक नेचुरल खेती पद्धति को तेजी से अपना रहे हैं। विशेष बात यह है कि किसानों को इस खेती के लिए पूरी ट्रेनिंग निःशुल्क प्रदान की जा रही है, जिससे वे बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के नई तकनीक सीख सकें।

इसके साथ ही Kuro Rice द्वारा किसानों को बायबैक की सुविधा भी दी जा रही है, जिसके तहत उत्पादित फसल को सीधे किसानों से खरीदा जाता है। इससे किसानों को बाजार में भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ती और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होता है।

ब्लैक राइस को एक सुपरफूड के रूप में जाना जाता है, जिसकी मांग देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी से बढ़ रही है। इसमें उच्च पोषण तत्व पाए जाते हैं, जो इसे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी बनाते हैं।
कम लागत में अधिक लाभ देने वाली इस खेती से किसानों को प्रति एकड़ लाखों रुपये तक की आय होने की संभावना है। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और समाज को स्वस्थ एवं पोषक आहार की दिशा में आगे बढ़ाना है। Kuro Rice की यह पहल छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखी जा रही है।
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