रायपुर / छत्तीसगढ़
मुख्य बिंदु
- रायपुर में भव्य आयोजन, 121 महिलाओं को सम्मान
- विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मिला मंच
- बच्चों के लिए नृत्य प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र
- महिलाओं के आत्मनिर्भरता हेतु कौशल विकास पर जोर
आयोजन का उद्देश्य और महत्व
रायपुर में यूएचएफसी फाउंडेशन (United Hands for Change) द्वारा “नारी तू नारायणी सम्मान 2026” का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 121 महिलाओं को सम्मानित किया गया। संस्था के संस्थापक एवं निदेशक सोनम श्रीवास्तव और महेंद्र सिंघानिया के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान देना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका आज निर्णायक और प्रेरणादायक बन चुकी है।
विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मिला मंच
इस सम्मान समारोह में खेल, चिकित्सा, शिक्षा, कला, अभिनय, गायन, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़ी महिलाओं को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से चयनित कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए आयोजित नृत्य प्रतियोगिता ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया, जिसमें विजेताओं को प्रोत्साहन राशि और उपहार प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि के रूप में विभा अवस्थी (प्रदेश अध्यक्ष, महिला मोर्चा भाजपा) और यूथ आइकन केवल श्रीवास की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया। वहीं, विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक सामाजिक समर्थन प्रदान किया।
सामाजिक सहयोग और सफल संचालन
कार्यक्रम के सफल संचालन की जिम्मेदारी डॉ. शुभा मिश्रा ने निभाई, जबकि पुरस्कार वितरण में चंपा देवी इंदिरा देवी जैन चैरिटेबल ट्रस्ट का विशेष सहयोग रहा। संस्था द्वारा समाज के वंचित वर्गों, विशेषकर महिलाओं और गरीब बच्चों के लिए निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण भी संचालित किया जाता है। इसमें अंग्रेजी, व्यक्तित्व विकास, कंप्यूटर, सिलाई, मेकअप, बेकिंग और मेहंदी जैसी उपयोगी कक्षाएं शामिल हैं, जो लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस सफल आयोजन में टीम के सदस्य—शरद श्रीवास्तव, किरण, कुसुम, राखी यादव, ज्योत्सना, मोहित भोगल, स्वाति और अनामिका यादव—का विशेष योगदान रहा।
सामाजिक प्रभाव और संदेश
यह आयोजन न केवल महिलाओं के सम्मान का मंच बना, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश भी लेकर आया। ऐसे कार्यक्रम महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करते हैं। यूएचएफसी फाउंडेशन की यह पहल समाज में समानता, सशक्तिकरण और समावेशिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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