बिलासपुर / छत्तीसगढ़
हाइलाइट :
• ठेला-गुमटी से लेकर मॉल तक सभी के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य
• नगर निगम करेगा 30 हजार दुकानों का सर्वे
• बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
• निगम को हो रहे राजस्व नुकसान की भरपाई की तैयारी
नियमों के दायरे में आएगा हर व्यवसाय
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में अब व्यापारिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। नए फैसले के तहत अब कोई भी छोटा या बड़ा व्यवसाय बिना ट्रेड लाइसेंस के संचालित नहीं हो सकेगा। अब तक कई व्यापारी केवल गुमाश्ता लाइसेंस के सहारे काम चला रहे थे, लेकिन नई व्यवस्था में यह मान्य नहीं होगा। निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी व्यवसायों को नियमों के तहत लाना अनिवार्य होगा, अन्यथा कार्रवाई तय है।
सर्वे के जरिए होगी सख्ती, बढ़ेगा राजस्व
नगर निगम सीमा में करीब 30 हजार दुकानों का संचालन हो रहा है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से केवल लगभग 30 प्रतिशत व्यापारियों के पास ही वैध ट्रेड लाइसेंस है। इस कारण निगम को टैक्स के रूप में बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थिति को सुधारने के लिए अब निगम की टीमें शहरभर में व्यापक सर्वे अभियान चलाएंगी। जिन व्यापारियों के पास लाइसेंस नहीं होगा, उन्हें तुरंत लाइसेंस बनवाने के निर्देश दिए जाएंगे, अन्यथा दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ठेला-गुमटी संचालक भी होंगे शामिल
नई व्यवस्था के तहत अब ठेला, गुमटी और अस्थायी दुकानों को भी नियमों के दायरे में लाया जा रहा है। पहले इन छोटे कारोबारों पर नियंत्रण सीमित था, लेकिन अब इन्हें भी ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इससे शहर की बाजार व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी और अवैध व्यापार पर लगाम लगेगी। निगम का मानना है कि इस कदम से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि शहर के विकास के लिए आवश्यक राजस्व भी मजबूत होगा।
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