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Tuesday, March 10, 2026

संकट से जूझता अंबिकापुर: मिडिल ईस्ट युद्ध का असर, एलपीजी संकट से बंद होने की कगार पर 300 होटल-रेस्टोरेंट…

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अम्बिकापुर / छत्तीसगढ़

सप्लाई ठप होने से कमर्शियल गैस गायब, एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें; कई संचालक लकड़ी के चूल्हे और ब्लैक में घरेलू सिलेंडर से चला रहे काम

अंबिकापुर। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब छत्तीसगढ़ के शहरों तक दिखाई देने लगा है। सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में एलपीजी गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है। खासतौर पर कमर्शियल एलपीजी गैस की सप्लाई लगभग पूरी तरह ठप हो चुकी है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट कारोबार गंभीर संकट में पहुंच गया है। शहर के करीब 300 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट संचालक गैस की कमी के कारण आने वाले दिनों में अपने प्रतिष्ठान बंद करने की स्थिति में पहुंच गए हैं। कई संचालक किसी तरह कारोबार बचाने के लिए लकड़ी से चलने वाले चूल्हे तैयार करवा रहे हैं, जबकि कुछ लोग ब्लैक मार्केट से घरेलू सिलेंडर खरीदकर चोरी-छिपे उनका उपयोग करने को मजबूर हैं।

सप्लाई बंद, खाली हो गए गैस एजेंसियों के गोदाम
अंबिकापुर में विभिन्न कंपनियों की 10 से अधिक एलपीजी गैस एजेंसियां संचालित हैं। एजेंसी संचालकों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है। डिपो से ही सिलेंडर नहीं आने के कारण गोदाम खाली हो चुके हैं। कंपनियों ने भी फिलहाल आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर होटल और रेस्टोरेंट को कमर्शियल गैस देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे खाद्य व्यवसाय से जुड़े सैकड़ों छोटे-बड़े प्रतिष्ठानों के सामने रोज़गार और संचालन दोनों का संकट खड़ा हो गया है।

ब्लैक में घरेलू सिलेंडर और लकड़ी के चूल्हों का सहारा
गैस की किल्लत के चलते कई रेस्टोरेंट संचालक घरेलू एलपीजी सिलेंडर ब्लैक में खरीदकर उनका उपयोग कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने पारंपरिक लकड़ी के चूल्हे तैयार करवा लिए हैं ताकि किसी तरह ग्राहकों को भोजन उपलब्ध कराया जा सके। रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो शहर के अधिकांश होटल-रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं।

गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें, उपभोक्ता परेशान
एलपीजी संकट का असर आम उपभोक्ताओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। घरेलू गैस सिलेंडर लेने के लिए गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। पहले जहां उपभोक्ताओं को जरूरत के अनुसार आसानी से सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब युद्ध के कारण आपूर्ति प्रभावित होने के बाद 25 दिन में केवल एक सिलेंडर देने का नियम लागू कर दिया गया है। ऐसे में कई लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।

स्थिति सामान्य होने का इंतजार
व्यापारियों और उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने के बाद एलपीजी की आपूर्ति फिर से पटरी पर लौटेगी। फिलहाल अंबिकापुर में गैस संकट ने होटल व्यवसाय से लेकर आम रसोई तक चिंता बढ़ा दी है।

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