चिरमिरी / छत्तीसगढ़
मुख्य बिंदु:
- सरगुजा संभाग में सक्रिय अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़
- मास्टरमाइंड रसल एक्का रायपुर से गिरफ्तार, फाइनेंस हैंडलर हैदराबाद से पकड़ा गया
- “नशा मुक्त अभियान” के तहत बड़ी कार्रवाई
- गोवा ट्रिप और सहयोगियों के खातों से लेनदेन का खुलासा
- तेलंगाना, झारखंड और छत्तीसगढ़ तक फैला था नेटवर्क
कार्रवाई और गिरफ्तारी
नेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में चिरमिरी पुलिस ने सरगुजा संभाग में सक्रिय एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। गिरोह का मास्टरमाइंड रसल एक्का को रायपुर से गिरफ्तार किया गया, जबकि फाइनेंस हैंडलर वैंदला वासु को हैदराबाद से दबोचा गया। यह पूरी कार्रवाई आईजी दीपक झा और एसपी रत्ना सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “नशा मुक्त अभियान” के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह हैदराबाद से नशीले पदार्थ मंगाकर सरगुजा संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई करता था।
जांच की शुरुआत और नेटवर्क का खुलासा
मामले की शुरुआत 7 अक्टूबर 2025 को हुई, जब चिरमिरी पुलिस ने सूचना के आधार पर शेख अल्ताफ और किशन रजक को नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में शुभम यादव का नाम सामने आया, जिससे पुलिस को बड़े नेटवर्क की आशंका हुई। थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जाल बिछाते हुए मुख्य आरोपी तक पहुंच बनाई गई।
‘जहर’ की कमाई और लग्जरी लाइफस्टाइल
जांच में सामने आया कि रसल एक्का केवल सप्लायर नहीं बल्कि पूरे नेटवर्क का संचालक था। नशे के कारोबार से मोटी रकम अर्जित कर रहा था। हाल ही में वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ गोवा घूमने गया, जहां कुछ ही दिनों में लगभग 5 लाख रुपये खर्च किए गए। पुलिस से बचने के लिए वह अपने बैंक खाते का उपयोग नहीं करता था, बल्कि सहयोगियों के खातों में रकम ट्रांसफर कराता था। उसके खिलाफ मनेंद्रगढ़, अंबिकापुर और पोड़ी थानों में पहले से गंभीर प्रकरण दर्ज हैं।
कई राज्यों तक फैले थे तार
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य झारखंड के गढ़वा क्षेत्र से बसों के जरिए नशीले पदार्थ लाते थे, जबकि तेलंगाना के हैदराबाद से सप्लाई का बड़ा नेटवर्क संचालित होता था। सूरजपुर निवासी रजत कुमार और वैंदला वासु बैकएंड ऑपरेशन और वित्तीय लेनदेन संभालते थे। इस नेटवर्क के तार छत्तीसगढ़ से बाहर कई राज्यों तक फैले थे। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
‘सफेदपोश’ संरक्षण की आशंका
थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि पूछताछ में कई नए सुराग मिले हैं और आशंका है कि इस कारोबार को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त था। साइबर सेल डिजिटल डेटा की जांच कर रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां संभव हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर जिला जेल बैकुंठपुर भेज दिया गया है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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