भिलाई -दुर्ग/ छत्तीसगढ़
हाइलाइट :
- बीएसपी मुख्य गेट पार्किंग और भिलाई-भट्टी क्षेत्र को बनाया जा रहा था निशाना
- 31 दोपहिया वाहन जब्त, अनुमानित कीमत 31 लाख रुपये
- मुख्य आरोपी ई. पापा राव गिरफ्तार, सहयोगियों की तलाश जारी
- चोरी के वाहन जशपुर के कुंकुरी क्षेत्र में खपाए जाते थे
लगातार बढ़ रही थीं चोरी की घटनाएं
भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में वर्ष 2024 से लगातार दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी थी। विशेष रूप से बीएसपी मुख्य गेट स्थित पार्किंग और भिलाई-भट्टी इलाका आरोपियों के निशाने पर था। थाना भिलाई नगर में दर्ज प्रकरणों की समीक्षा के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर जांच को गति दी, जिसके बाद एक संगठित गिरोह की परतें खुलनी शुरू हुईं।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस जांच के दौरान मुख्य आरोपी ई. पापा राव को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह स्वयं वाहन चोरी कर उन्हें जशपुर जिले के कुंकुरी क्षेत्र में ले जाकर अपने सहयोगियों के माध्यम से बेच देता था। इस नेटवर्क में मनोज राम और राम सेवक प्रजापति उर्फ रवि सहित अन्य लोग शामिल थे, जो चोरी के वाहनों को खपाने में भूमिका निभाते थे।
इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक निकला मास्टरमाइंड
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी ने भोपाल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। इसके बावजूद वह आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी प्रायः लोकप्रिय मॉडलों, विशेषकर होंडा साइन जैसी गाड़ियों को निशाना बनाता था, जिन्हें बाजार में आसानी से बेचा जा सके।
31 वाहन बरामद, कई क्षेत्रों से जुड़ा मामला
विवेचना के दौरान कुल 31 दोपहिया वाहन जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 31 लाख रुपये आंकी गई है। इनमें भिलाई-भट्टी क्षेत्र की 13, छावनी थाना क्षेत्र की 3, रायपुर क्षेत्र की 2 गाड़ियां शामिल हैं, जबकि 3 वाहनों के दस्तावेज पंजीबद्ध नहीं पाए गए। प्रकरण में संबंधित अपराध क्रमांकों के तहत धारा 303(2) BNS के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस की अपील और सराहनीय कार्यवाही
इस कार्रवाई में थाना भिलाई नगर प्रभारी, थाना स्टाफ, साइबर सेल टीम एवं विशेष जांच दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर लॉक कर ही खड़ा करें और पार्किंग स्थलों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि वाहन चोरी जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
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