बिलासपुर/छत्तीसगढ़
हाईलाइट बॉक्स:
बिलासपुर में सराफा कारोबारियों को निशाना बनाने वाली वारदातों पर सख्त रुख; डीजीपी ने गश्त, नाकाबंदी और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए; सीपत व राजकिशोर नगर लूटकांड की समीक्षा; आईसीजेएस के तहत ई-चालान व ई-साक्ष्य लागू करने पर जोर।
उच्च स्तरीय समीक्षा और जवाबदेही का संदेश
लगातार हो रही लूट की घटनाओं के बीच बिलासपुर में पुलिस मुख्यालय स्तर पर सक्रियता बढ़ी है। अरुण देव गौतम ने रेंज सभागार में अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक लेकर सीपत और राजकिशोर नगर लूटकांड की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध की पुनरावृत्ति रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए बीट-इंटेलिजेंस, पेट्रोलिंग ग्रिड और चेकिंग पॉइंट्स को सुदृढ़ किया जाए। बैठक में रामगोपाल गर्ग सहित सभी राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे। डीजीपी ने अंतर्राज्यीय समन्वय के जरिए 24 घंटे के भीतर आरोपियों को माल सहित पकड़ने की कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे मानक प्रक्रिया बनाने का निर्देश दिया।
संवेदनशील स्थलों पर कड़ी निगरानी और तकनीकी सुदृढ़ीकरण
डीजीपी ने सराफा दुकानों, बैंकों और होटल-लॉज की नियमित व आकस्मिक जांच के निर्देश दिए। नाकाबंदी को “डायनेमिक चेकिंग” मॉडल पर संचालित करने, सीसीटीवी ऑडिट, संदिग्धों की प्रोफाइलिंग और सूचना तंत्र को रीयल-टाइम अपडेट रखने पर जोर दिया गया। सिरगिट्टी और मोपका अग्निकांड पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रेंज स्तर पर सतत निगरानी करने को कहा गया। अभियोजन पक्ष को जांच की गुणवत्ता सुधारने, साक्ष्य संधारण की चेन ऑफ कस्टडी सुनिश्चित करने तथा आईसीजेएस के तहत ई-चालान और ई-साक्ष्य की प्रक्रिया को न्यायालय व थानों के साथ शीघ्र लागू करने का निर्देश दिया गया, ताकि ट्रायल की गति और पारदर्शिता बढ़े।
थानों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन
डीजीपी ने अधिकारियों से थानों का नियमित निरीक्षण करने और फरियादियों की बात पूरी गंभीरता से सुनने को कहा, ताकि पुलिसिंग केवल दमनात्मक नहीं, बल्कि सेवा-उन्मुख दिखे। थाना प्रभारी स्वयं रिपोर्ट सुनें, एफआईआर लेखन की निगरानी करें और संदिग्ध मर्ग मामलों की जांच में विशेष सावधानी बरतें—यह स्पष्ट संदेश दिया गया। बैठक में नगर सेना, अग्निशमन और अभियोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि इन निर्देशों के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था अधिक सघन और जवाबदेह होगी, जिससे व्यापारियों और आम नागरिकों में भरोसा मजबूत होगा।


