रायपुर/छत्तीसगढ़
हाईलाइट बॉक्स:
Chhattisgarh Public Service Commission ने सिविल जज परीक्षा 2024 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग ने कुल 57 पदों पर चयन सूची जारी की है और साथ ही 57 अभ्यर्थियों की वेटिंग लिस्ट भी प्रकाशित की है। मेरिट सूची में अंजुम आरा ने प्रथम स्थान हासिल किया है, जबकि शिवांगी तिवारी द्वितीय और आयुष चौरसिया तृतीय स्थान पर रहे। सिविल जज पद के लिए मुख्य लिखित परीक्षा 21 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी और इसका परिणाम 22 जनवरी 2026 को घोषित किया गया था। इसके बाद 10 से 20 फरवरी 2026 तक इंटरव्यू प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
मेरिट सूची में युवाओं की चमक
Chhattisgarh Public Service Commission (CGPSC) ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अंतर्गत सिविल जज परीक्षा 2024 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। कुल 57 पदों के लिए चयन सूची प्रकाशित की गई है, साथ ही समान संख्या में प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) भी घोषित की गई है। जारी मेरिट सूची में अंजुम आरा ने पहला स्थान प्राप्त कर प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया है। उनके बाद शिवांगी तिवारी दूसरे, आयुष चौरसिया तीसरे, अगन कुमार दहाके चौथे और एकांश अग्रवाल पांचवें स्थान पर रहे। यह परिणाम न केवल चयनित अभ्यर्थियों के लिए, बल्कि उनके परिवारों और शिक्षकों के लिए भी गर्व का क्षण है।
लिखित परीक्षा से साक्षात्कार तक का सफर
सिविल जज पद के लिए मुख्य लिखित परीक्षा 21 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 22 जनवरी 2026 को घोषित किया गया। नियमानुसार, कुल पदों के तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। 57 पदों के अनुसार 171 उम्मीदवारों को आमंत्रित किया जाना था, किंतु इस बार 183 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। यह संख्या दर्शाती है कि प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊँचा रहा और आयोग ने व्यापक मूल्यांकन को प्राथमिकता दी।
10 से 20 फरवरी तक चला इंटरव्यू, सभी रहे उपस्थित
साक्षात्कार प्रक्रिया 10 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक चली। आयोग के अनुसार, इंटरव्यू के लिए बुलाए गए सभी 183 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जो अभ्यर्थियों की गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अंतिम चयन सूची लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के संयुक्त योग के आधार पर तैयार की गई है। विधि क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह परिणाम प्रेरणादायक है और यह स्पष्ट करता है कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर तैयारी से सफलता निश्चित है।


