रायपुर / छत्तीसगढ़
हाईलाइट
▣ साइंस कॉलेज मैदान में 22 फरवरी तक चलेगा ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’
▣ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शिवाजी महाराज के साहस, रणनीति और आदर्श नेतृत्व को बताया प्रेरणास्रोत
▣ स्थानीय कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों की भागीदारी से भव्य मंचन
शिवाजी महाराज का जीवन: साहस और नेतृत्व की जीवंत मिसाल
राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में ऐतिहासिक महानाट्य जाणता राजा के मंचन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, धैर्य, रणनीति और आदर्श नेतृत्व का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करें और विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ता बनाए रखें। अफजल खाँ और शाइस्ता खान से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवाजी महाराज ने सूझबूझ और रणनीतिक कौशल से हर चुनौती को अवसर में बदला, जो आज भी नेतृत्व और प्रबंधन का प्रेरक मॉडल प्रस्तुत करता है।
आदर्श शासन और संस्कारों का संदेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल पराक्रमी योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च नैतिक मूल्यों वाले शासक भी थे। उन्होंने सभी धर्मों के प्रति सम्मान और महिलाओं की गरिमा को सर्वोच्च स्थान दिया। माता जीजाबाई के संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का चरित्र मर्यादा, नैतिकता और सम्मानजनक आचरण की शिक्षा देता है। अपने छात्र जीवन की स्मृतियाँ साझा करते हुए उन्होंने महाकवि भूषण की पंक्तियों का उल्लेख किया, जिनमें शिवाजी के पराक्रम का प्रभावशाली वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी का जीवन इतिहास का अध्याय भर नहीं, बल्कि आज के समय में भी प्रेरणा का सशक्त स्रोत है।
भव्य मंचन ने दर्शकों को कराया ऐतिहासिक काल का अनुभव
साइंस कॉलेज मैदान में प्रारंभ हुआ यह भव्य महानाट्य 22 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग तीन घंटे की प्रस्तुति में सजीव दृश्य, विशाल मंच सज्जा और उन्नत तकनीकी प्रभावों के माध्यम से हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की गाथा को जीवंत रूप दिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में ऑडिशन आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 40 स्थानीय कलाकारों का चयन हुआ। निर्देशक योगेश शिरोले के मार्गदर्शन में कलाकारों ने गहन अभ्यास किया। मंचन के दौरान घोड़ों और ऊंटों के साथ सैनिक टुकड़ियों की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। तकनीकी पक्ष की जिम्मेदारी पुणे से आए विशेषज्ञ श्री कौशिक नाईक और श्री वैभव जोशी ने संभाली। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर तथा आयोजन समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
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