दिल्ली /भारत
हाइलाइट :
• ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला बड़ा एआई शिखर सम्मेलन
• इंडियाएआई मिशन के तहत ₹10,372 करोड़ का निवेश
• 38,000+ GPU साझा कंप्यूट के लिए शामिल
• 45+ देशों की भागीदारी, वैश्विक नेताओं और टेक दिग्गजों की मौजूदगी
• कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं में एआई समाधान प्रदर्शित
वैश्विक मंच पर भारत की एआई महत्वाकांक्षा
नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ ने भारत की तकनीकी नेतृत्व क्षमता को वैश्विक विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया है। ग्लोबल साउथ में होने वाले पहले बड़े एआई सम्मेलन के रूप में यह आयोजन केवल तकनीकी चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समावेशन, जिम्मेदारी और मापने योग्य सामाजिक प्रभाव पर केंद्रित रहा। 45 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ यह शिखर सम्मेलन भारत की उस रणनीतिक सोच को दर्शाता है, जिसमें वह नवाचार और नैतिक शासन के संतुलन के साथ वैश्विक एआई मानदंडों को आकार देना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन भारत को एआई नीति-निर्माण और क्रियान्वयन के बीच एक सेतु के रूप में स्थापित कर सकता है।
इंडियाएआई मिशन: निवेश, नवाचार और प्रतिभा विकास
IndiaAI Mission के अंतर्गत केंद्र सरकार ने 10,372 करोड़ रुपये के व्यापक निवेश की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य देश में एक सशक्त एआई पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है। साझा कंप्यूटिंग सुविधा के लिए 38,000 से अधिक GPU जोड़े गए हैं, जिससे स्टार्टअप, शोध संस्थान और अकादमिक जगत को समान अवसर मिल सकें। 12 स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल विकसित किए जा रहे हैं, जबकि 30 से अधिक भारत-विशिष्ट एआई अनुप्रयोगों को स्वीकृति दी जा चुकी है। प्रतिभा विकास को केंद्र में रखते हुए हजारों स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी छात्रों को लक्षित कार्यक्रमों के माध्यम से सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि भविष्य की एआई अर्थव्यवस्था के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार हो सके।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नैतिक एआई का एजेंडा
शिखर सम्मेलन में Emmanuel Macron, Luiz Inácio Lula da Silva और António Guterres जैसे वैश्विक नेताओं की भागीदारी ने इसकी गंभीरता को और बढ़ाया। उद्योग जगत से Microsoft, IBM, Zoom, Kyndryl और Adobe के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने वैश्विक सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया। प्रमुख विषयों में वैश्विक उत्तर और दक्षिण के बीच एआई अपनाने की खाई को पाटना, विश्वसनीय एवं स्वतंत्र तकनीकी प्रणालियों का विकास, नैतिक शासन को बढ़ावा देना और यह सुनिश्चित करना शामिल रहा कि एआई आजीविका को विस्थापित करने के बजाय उसे सशक्त बनाए। 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला एआई इम्पैक्ट एक्सपो कृषि, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं में व्यावहारिक एआई समाधानों का प्रदर्शन करता हुआ भविष्य की संभावनाओं की झलक देता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से मुलाकात करेंगे, जहां दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। चर्चा में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और नए एवं उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
किंड्रिल के मार्टिन श्रोएटर ने कहा, “कृत्रिम बुद्धिमत्ता उद्यमों को नया आकार दे रही है और समावेशी विकास और नवाचार के नए रास्ते खोल रही है।” उन्होंने कहा कि नेताओं को “एआई-संवर्धित परिवर्तन को अपनाना चाहिए और मानव एवं एजेंट सहयोग को अपने संगठनों के केंद्र में रखना चाहिए।” शासन और अनुपालन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि एआई “लोग, ग्रह और प्रगति के सिद्धांतों” के साथ तालमेल बिठा सकता है और “मापने योग्य प्रभाव के लिए एक शक्तिशाली शक्ति” बन सकता है। उनकी टिप्पणियां शिखर सम्मेलन के तीन मार्गदर्शक सिद्धांतों और टिकाऊ, न्यायसंगत परिणामों पर इसके फोकस को प्रतिध्वनित करती हैं।
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