हाइलाइट :
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर सियासी हलचल तेज। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत चंदखुरी से विधानसभा चौक तक पदयात्रा।
धान खरीदी पर तीखा हमला
रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का विवादित बयान सामने आया है। बैज ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में 14 मंत्री ऐसे हैं जिन्होंने धान को “खाने” का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन के संसाधनों का भी दुरुपयोग किया गया है और वर्ष 2028 में इन सभी को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा। बैज के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
गांव-गांव तक मुद्दा ले जाने की रणनीति
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव और गली-गली जाकर भाजपा सरकार के कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाएंगे। उनका दावा है कि धान खरीदी और संसाधनों से जुड़े मामलों में जनता को गुमराह किया गया है, जिसे कांग्रेस उजागर करेगी। बैज ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का लक्ष्य राज्य में फिर से सरकार बनाना है और इसके लिए संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय किया जाएगा। उनके इस बयान को आगामी चुनावी तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
मनरेगा बचाओ संग्राम की पदयात्रा
इसी क्रम में कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत चंदखुरी से विधानसभा चौक तक पदयात्रा की शुरुआत की। इस पदयात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री शिव डहरिया सहित कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। माता कौशल्या के दर्शन के बाद यात्रा का शुभारंभ किया गया, जिसका समापन पुराने विधानसभा चौक पर होना तय है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह यात्रा रोजगार और ग्रामीण हितों की रक्षा के लिए जनजागरूकता का माध्यम बनेगी।
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