बेमेतरा/स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स:
नेवनारा में प्रस्तावित मेसर्स अरहम इस्पात स्पंज आयरन प्लांट को लेकर आयोजित जनसुनवाई में आसपास के करीब 30 गांवों के किसानों ने एक स्वर में विरोध दर्ज कराया। किसानों का कहना है कि यह क्षेत्र कृषि प्रधान है और किसी भी प्रकार का प्रदूषण यहां की उपजाऊ भूमि, जलस्रोत और भविष्य को खतरे में डाल सकता है।
जनसुनवाई में उठा किसानों का सवाल: कृषि बनाम उद्योग
बेमेतरा जिले के नेवनारा गांव में पर्यावरण विभाग दुर्ग द्वारा आयोजित जनसुनवाई के दौरान भारी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित स्पंज आयरन प्लांट से क्षेत्र का पर्यावरण प्रभावित होगा, जिससे खेती, जल और स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि जब क्षेत्र में दो नदियां बहती हैं और जमीन अत्यंत उपजाऊ है, तब प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग की अनुमति देना जनभावनाओं के खिलाफ है। जनसुनवाई के दौरान किसानों ने यह भी सवाल उठाया कि जिस स्थान पर प्लांट प्रस्तावित है, वहां पहुंच मार्ग तक स्पष्ट नहीं है, फिर भी कैसे डायवर्सन और प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
अमित जोगी का आरोप: दस्तावेज छुपाकर जनसुनवाई
जनता कांग्रेस के सुप्रीमो अमित जोगी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि जनसुनवाई ऐसे समय रखी गई है, जब अधिकांश किसान धान बिक्री में व्यस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जानबूझकर छुपाकर कंपनी के पक्ष में कार्रवाई की जा रही है। जोगी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह प्रदेश में “पीछे के दरवाजे” से बड़े उद्योगपतियों की एंट्री कराई जा रही है, उसी तर्ज पर नेवनारा में भी स्पंज आयरन फैक्ट्री लाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि किसानों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, विरोध जारी रहेगा।
कांग्रेस और भाजपा नेताओं की साझा चिंता: प्रदूषण नहीं, विकास चाहिए
बेमेतरा जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों के इशारे पर काम कर रही है और जनभावनाओं के विपरीत फैसले ले रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि फैक्ट्री से वातावरण दूषित होगा, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। वहीं, स्थानीय भाजपा नेता एवं किसान प्रतिनिधि योगेश तिवारी ने भी लगभग 150 लोगों के साथ प्लांट का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पूरी तरह कृषि आधारित है, इसलिए यदि उद्योग लगाना ही है तो कृषि आधारित, प्रदूषण मुक्त प्लांट लगाया जाए। सभी वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि नेवनारा और आसपास के गांवों की उपजाऊ जमीन पर स्टील या स्पंज आयरन जैसे प्रदूषणकारी उद्योग नहीं लगाए जाने चाहिए।
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