जगदलपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2030 तक बस्तर को देश का पहला “विकसित आदिवासी संभाग” बनाया जाएगा। सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और संस्कृति—सभी मोर्चों पर एकीकृत विकास का रोडमैप तैयार है।
जगदलपुर | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से 2030 तक बस्तर को देश का पहला विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। बस्तर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “यह क्षेत्र अपनी संस्कृति, परंपरा और साहस के लिए जाना जाता है। अब समय है कि विकास भी इसकी पहचान बने।” शाह ने स्पष्ट किया कि विकास का अर्थ केवल आधारभूत ढांचा नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और सम्मानजनक रोजगार के अवसर सृजित करना है, ताकि बस्तर आत्मनिर्भर बन सके।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा और विकास को समानांतर चलाया जा रहा है। सड़कों, पुलों, मोबाइल कनेक्टिविटी और बिजली जैसी सुविधाओं के विस्तार से दूरस्थ गांव मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में मेडिकल कॉलेज, मोबाइल मेडिकल यूनिट और टेलीमेडिसिन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि शिक्षा के क्षेत्र में एकलव्य विद्यालयों, छात्रावासों और छात्रवृत्तियों के माध्यम से आदिवासी छात्रों को सशक्त किया जा रहा है। अमित शाह ने कहा, “स्थायी शांति के बिना विकास संभव नहीं, इसलिए सुरक्षा बलों के साथ-साथ जनभागीदारी पर भी जोर है।
अमित शाह ने यह भी कहा कि बस्तर की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बाजार से जोड़ा जाएगा। स्थानीय उत्पादों के लिए मूल्यवर्धन, पर्यटन को बढ़ावा और स्टार्टअप संस्कृति के माध्यम से युवाओं को अवसर मिलेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया, “सरकार की नीतियां जमीन पर दिखेंगी और बस्तर विकास का नया मॉडल बनेगा।” कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इस घोषणा को ऐतिहासिक बताया और उम्मीद जताई कि 2030 तक बस्तर विकास, शांति और समृद्धि का उदाहरण बनेगा।
ख़बरें और भी…


