रायपुर / छत्तीसगढ़
हाइलाइट
रायपुर के श्री बालाजी विद्या मंदिर में आयोजित नृत्योत्सव में 60 युवा नर्तकों ने भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, ओडिसी, कथक और अर्ध-शास्त्रीय नृत्यों की मोहक प्रस्तुतियाँ दीं। महापौर मीनल चौबे ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया, जबकि आंध्र एसोसिएशन ने अपनी पारंपरिक कला-संरक्षण प्रतिबद्धता को फिर से मजबूत किया।
भारतीय शास्त्रीय कला का रंगारंग उत्सव
आंध्र एसोसिएशन रायपुर द्वारा भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित नृत्योत्सव 6 दिसंबर 2025 को श्री बालाजी विद्या मंदिर में बड़ी भव्यता से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और मंगल प्रार्थना के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को अध्यात्म और संस्कृति के रंगों से भर दिया। मंच सजा था रंगीन प्रसाधनों, पारंपरिक वेशभूषाओं और संगीत की मधुर लहरियों से, जिसने उपस्थित दर्शकों को भारतीय नृत्य कला की समृद्ध विरासत का अनुभव कराया। आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष का उत्सव युवाओं में शास्त्रीय कला के प्रति बढ़ते झुकाव का एक सकारात्मक संकेत है।

युवा नर्तकों का अनोखा प्रतिभा प्रदर्शन
प्रतियोगिता में रायपुर शहर के 40 विद्यालयों का प्रतिनिधित्व करते हुए कुल 60 प्रतिभाशाली युवा नर्तकों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। नृत्य शैलियों में भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, ओडिसी, कथक और अर्ध-शास्त्रीय नृत्य शामिल थे, जिनमें प्रत्येक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्णायक मंडल में भिलाई के प्रसिद्ध नृत्य गुरु श्री पी. कृष्णा राव, रायपुर के दीपेश होस्केरे और बिलासपुर के नागेश राव शामिल थे, जिन्होंने प्रतिभागियों के भाव, लय, ताल और तकनीक का सूक्ष्म मूल्यांकन किया। निर्णायकों ने युवा कलाकारों की मेहनत और उनकी नृत्य-समर्पण भावना की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में ये बच्चे भारतीय प्रदर्शन कला के नए सितारे बन सकते हैं।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में रायपुर की महापौर सुश्री मीनल चौबे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल बच्चों की कला को निखारते हैं बल्कि भारतीय संस्कृति को भी नई दिशा देते हैं। आंध्र एसोसिएशन रायपुर के अध्यक्ष श्री जी. स्वामी ने समारोह की अध्यक्षता की, जबकि कार्यकारी समिति के सभी सदस्य प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए मौजूद रहे। कार्यक्रम में श्री के. आचार्युलु, डॉ. बी. रमेश, डॉ. फ्रेनी जे. प्रकाश, आर. मुरली, डी. नागेश और डॉ. एम. वरलक्ष्मी जैसे गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे। पूरे कार्यक्रम का सूझ-बूझ से समन्वय सुश्री संध्या राज ने किया, जिन्हें महिला विंग और विद्यालय के शिक्षकों का पूरा सहयोग मिला। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ नृत्योत्सव का समापन हुआ, जिसने कला प्रेमियों पर गहरी छाप छोड़ी।
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