रायगढ़ /छत्तीसगढ़
हाइलाइट :
- खरसिया के घरेलू विवाद में पत्नी की मौत, आरोपी कुशल चौहान को 10 साल की सजा
- विवेचक इंस्पेक्टर कुमार गौरव साहू ने बारीकी से जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
- लोक अभियोजक पी.एन. गुप्ता की मजबूत पैरवी ने अदालत को किया संतुष्ट
- सत्र न्यायाधीश जे.के. जैन ने धारा 105, भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत सुनाई सजा
सटीक विवेचना और मजबूत पैरवी से कानून की जीत
रायगढ़ पुलिस की सटीक और वैज्ञानिक विवेचना ने एक बार फिर अदालत में अपनी मजबूती साबित की है। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के कुशल नेतृत्व में संचालित इस कार्रवाई में तत्कालीन थाना प्रभारी खरसिया एवं वर्तमान में घरघोड़ा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुमार गौरव साहू की सूक्ष्म जांच ने आरोपी को दोषसिद्ध कराने में निर्णायक भूमिका निभाई। वहीं न्यायालय में लोक अभियोजक श्री पी.एन. गुप्ता ने मामले के तथ्यों, फॉरेंसिक साक्ष्यों और गवाहों की गवाही को तार्किक ढंग से प्रस्तुत कर अदालत को संतुष्ट किया, जिसके बाद आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹100 अर्थदंड की सजा सुनाई गई। यह सजा सत्र न्यायाधीश रायगढ़ श्री जितेंद्र कुमार जैन ने सत्र प्रकरण क्रमांक 114/2024 में सुनाई।
घरेलू विवाद से हत्या तक—घटना का पूरा घटनाक्रम
अभियोजन के अनुसार, 11 सितंबर 2024 को ग्राम पंचायत बाम्हनपाली के सरपंच पति दयाराम राठिया को सूचना मिली कि आरोपी कुशल चौहान ने घरेलू विवाद के दौरान अपनी पत्नी विमला खड़िया की बेरहमी से पिटाई की है। आरोपी ने पत्नी को घर के भीतर कमरे में ले जाकर बांस के डंडे से बार-बार हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए डायल-112 को सूचना दी और घायल महिला को सिविल अस्पताल खरसिया पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना खरसिया पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को अपराध में परिवर्तित किया और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। जांच के दौरान घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा, खून से सने कपड़े, गवाहों के कथन, पटवारी नक्शा तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित सभी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए।
बैक-टू-बैक कठोर सजा दिलाने में सफल रहे इंस्पेक्टर साहू
सत्र न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों की गवाही कराई, जिनके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया। विशेष बात यह है कि हाल ही में इंस्पेक्टर कुमार गौरव साहू की विवेचना में थाना दीनदयाल नगर, रायपुर के हत्या प्रकरण में भी आरोपी को आजीवन कारावास की कठोर सजा दिलाई जा चुकी है। लगातार दो गंभीर मामलों में दोषसिद्धि दिलाकर इंस्पेक्टर साहू ने अपनी विवेचना कौशल, तकनीकी दक्षता और कानून के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण दिया है। पुलिस विभाग ने इस सफलता को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए इसे कानून की मजबूती और सटीक जांच की जीत करार दिया है।
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