रायपुर / स्वतंत्र छत्तीसगढ़ न्यूज़
हाइलाइट :
आज रायपुर के मायाराम सुरजन हॉल में संगीत प्रेमियों के लिए एक बेहद खास शाम सजने जा रही है । नए–पुराने सुमधुर गीतों से सजी यह ‘सुरमई संध्या’ लोगों में नई उमंग और उत्साह भरने वाली है । नगर के कई युवा , वयोवृद्ध और संगीत प्रेमी इसमें शामिल होने के लिए उत्साहित दिखाई दे रहे हैं ।
सुरों से सजेगी शाम – स्वर सरगम म्यूजिकल ग्रुप आज देगा मोहक प्रस्तुति रायपुर के रजबंधा मैदान स्थित मायाराम सुरजन हॉल में आज शाम 6 बजे से ‘सुरमई संध्या’ का आयोजन किया जा रहा है , जिसमें हिन्दी फ़िल्मी गीतों की मनमोहक श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी । आयोजन समिति के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्देश्य शहर में संगीत प्रेम और सांस्कृतिक जुड़ाव को और गहराई देना है । कई नागरिकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से शहर में सकारात्मक माहौल बनता है और लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं । कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभाल रहे संचालक नागेश साहू ने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी दर्शकों के लिए बेहतरीन गीतों का चयन किया गया है । वहीं संरक्षक एल.एन. लाहोटी ने बताया कि संगीत प्रेमियों के लिए यह एक यादगार शाम होने वाली है ।
कार्यक्रम स्थल और समय की जानकारी स्थान – मायाराम सुरजन हॉल , रजबंधा मैदान , रायपुर दिनांक – आज 14 नवम्बर 2025 समय – शाम 600 बजे से आयोजक – स्वर सरगम म्यूजिकल ग्रुप
कलाकारों की लंबी टोली – शहर के श्रेष्ठ गायकों का होगा संगम कार्यक्रम में नगर के कई चर्चित गायक–गायिकाएं अपनी सुरीली प्रस्तुतियां देंगे । इस सूची में बी. श्रीनिवास राव , जलन सागर , राज वर्मा , धीरेन्द्र सेन , पूजा सिंह , रीना पनिका , संध्या ठाकुर , दीपाली दुबे , नीतू सोनकर और दिव्या सेन शामिल हैं । लोक कलाकार गोल्डन साहू की प्रस्तुति भी संध्या में विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी , जिनकी लोकधुनों पर हर बार श्रोताओं में खास उत्साह देखा जाता है ।
मंच संचालन की ज़िम्मेदारी सागर संभालेंगे , जबकि तकनीकी कार्यों में राजेश रामटेके सहयोग देंगे । मुख्य सलाहकार जयेश ने बताया कि टीम ने पिछले कई दिनों से अभ्यास कर कार्यक्रम को और भी बेहतर बनाने का प्रयास किया है ।
संगीत प्रेमियों में उत्साह—लोगों ने कहा , “ऐसे कार्यक्रम शहर की पहचान हैं” स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से नए कलाकारों को मंच मिलता है और वरिष्ठ कलाकारों का अनुभव जनता तक पहुँचता है । कई संगीत प्रेमी श्रोताओं ने कहा कि सुरमई शामों में बैठकर पुराने गीत सुनने का आनंद ही कुछ और होता है । एक संगीत प्रेमी ने मुस्कुराते हुए कहा , “ऐसे कार्यक्रम हमारे मन में छिपी यादों को फिर से जगा देते हैं , और नए कलाकार हमें नई ताजगी का एहसास कराते हैं ।”
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