रायपुर : 05 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नया रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) द्वारा की गई जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को अवैध घोषित करते हुए पूरी कार्रवाई को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने यह फैसला रायपुर जिले के निमोरा और नवागांव गांव के एक किसान की याचिका पर सुनाया।
याचिकाकर्ता ने बताया कि उसकी जमीन 1894 के पुराने भूमि अधिग्रहण कानून के तहत अधिग्रहित की गई थी। लेकिन 1 जनवरी 2014 से लागू नया कानून – भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता अधिनियम, 2013 के तहत अधिसूचना जारी होने के एक वर्ष के भीतर मुआवजे का अवार्ड देना अनिवार्य है। एनआरडीए ने यह अवार्ड तय समय सीमा के बाद जारी किया, जो कानून का उल्लंघन है।
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कोर्ट ने सुनवाई के बाद स्पष्ट कहा कि जब समय पर मुआवजा अवार्ड नहीं दिया गया, तो पूरी अधिग्रहण प्रक्रिया अमान्य हो जाती है। हाईकोर्ट ने न सिर्फ अधिग्रहण को रद्द किया, बल्कि किसान को मिला मुआवजा भी वापस करने का आदेश दिया है।
यह फैसला भूमि अधिग्रहण मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं के पालन की अनिवार्यता को रेखांकित करता है और किसानों के अधिकारों की बड़ी जीत माना जा रहा है।
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