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बलौदाबाजार में बारिश का कहर: चार गांवों से 120 लोगों का रेस्क्यू, 14 पुल-पुलियों पर आवाजाही बंद…

तेज बारिश से नदी-नालों में उफान, अमेठी घाट में पुल से 12 फीट ऊपर बह रहा पानी; प्रशासन और आपदा राहत टीमें अलर्ट
हेडलाइंस
  • चार गांवों से 120 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
  • 14 पुल-पुलियों और मार्गों पर आवागमन पूरी तरह बंद
  • अमेठी घाट में पुल से करीब 12 फीट ऊपर बह रहा महानदी का पानी
  • बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की लगातार निगरानी
  • सहायता के लिए जिला कंट्रोल रूम नंबर 07727222454 जारी

बलौदाबाजार: जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा राहत दल ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्रशासन की सतर्कता और राहत टीमों की मुस्तैदी से चार गांवों से कुल 120 लोगों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

प्रशासन के अनुसार पलारी तहसील के अमेठी गांव से सबसे अधिक 44 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं कसडोल तहसील के बल्दाकछार गांव से 38, पलारी तहसील के मोहान गांव से 23 और सिमगा तहसील के गणेशपुर गांव से 15 लोगों को रेस्क्यू किया गया। जलस्तर बढ़ने के बाद प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखी गई है।

लगातार बारिश के कारण जिले के कई नदी-नालों और जलस्रोतों में तेज बहाव की स्थिति है। सबसे गंभीर स्थिति पलारी विकासखंड के महानदी अमेठी घाट में बताई गई है, जहां पुल से करीब 12 फीट ऊपर पानी बह रहा है। इसके अलावा टेमरी नाला, छेरकाडीह नाला, सेमरिया घाट, जमुनिया नाला सहित कई स्थानों पर पुल-पुलियों के ऊपर पानी बहने के कारण आवागमन रोक दिया गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 14 पुल-पुलियों और मार्गों पर आवाजाही बंद कर दी है।

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ प्रभावित पुल-पुलियों पर निगरानी, बेरीकेडिंग और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कोई व्यक्ति तेज बहाव के बीच से गुजरने का प्रयास न करे। ग्रामीण क्षेत्रों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की समझाइश भी दी जा रही है।

जिला प्रशासन ने पुलिस, होमगार्ड और आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट पर रखा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बच्चों को नदी-नालों के आसपास न जाने दें और बंद किए गए पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास बिल्कुल न करें। किसी भी आपात स्थिति, राहत या बचाव के लिए जिला कंट्रोल रूम के 07727222454 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

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