स्वतंत्र छत्तीसगढ़
स्कूल ऑफ साइंसेज के 48 विद्यार्थियों ने दूध संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण, पैकेजिंग और गुणवत्ता नियंत्रण तक की प्रक्रियाओं का किया प्रत्यक्ष अवलोकन.
हेडलाइंस:
- मैट्स विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ साइंसेज ने कराया औद्योगिक भ्रमण
- बी.एससी. और एम.एससी. के 48 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
- दूध की गुणवत्ता जांच, पाश्चुरीकरण और पैकेजिंग प्रक्रिया समझी
- खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और शीत-श्रृंखला की उपयोगिता की मिली जानकारी
- औद्योगिक प्रक्रियाओं के साथ अकादमिक ज्ञान को जोड़ने का मिला अवसर
रायपुर। मैट्स विश्वविद्यालय, रायपुर के स्कूल ऑफ साइंसेज की ओर से विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से वचन मिल्क में औद्योगिक भ्रमण कराया गया। इस शैक्षणिक भ्रमण में बी.एससी. और एम.एससी. कार्यक्रमों के कुल 48 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों के साथ डॉ. शिशिर विंद शर्मा और डॉ. श्रद्धा वैष्णव भी उपस्थित रहे। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को डेयरी उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराना और उनके अकादमिक ज्ञान को औद्योगिक प्रक्रियाओं से जोड़ना था।
डेयरी उद्योग की पूरी प्रक्रिया को करीब से समझा
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने दूध के संग्रहण से लेकर तैयार उत्पाद के वितरण तक की विभिन्न प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। विद्यार्थियों को दूध के संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण, फिल्ट्रेशन, पाश्चुरीकरण, होमोजेनाइजेशन, प्रसंस्करण और पैकेजिंग जैसी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही तैयार उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और वितरण की प्रक्रिया को भी समझाया गया। इससे विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि डेयरी उद्योग में प्रत्येक चरण का गुणवत्ता और उपभोक्ता सुरक्षा से सीधा संबंध होता है।
गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा पर विशेष जानकारी
औद्योगिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को दूध एवं डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने में गुणवत्ता नियंत्रण की भूमिका के बारे में बताया गया। खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, सैनिटेशन, शीत-श्रृंखला और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने जाना कि दूध जैसे शीघ्र खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के उत्पादन और वितरण में तापमान नियंत्रण तथा स्वच्छता मानकों का पालन किस प्रकार महत्वपूर्ण होता है।
तकनीकी कर्मचारियों से किया संवाद
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने वचन मिल्क के तकनीकी एवं संचालन से जुड़े कर्मचारियों के साथ संवाद भी किया। विद्यार्थियों ने दूध की गुणवत्ता, प्रसंस्करण तकनीक, सूक्ष्मजीवी सुरक्षा, पैकेजिंग, भंडारण और गुणवत्ता आश्वासन से जुड़े विषयों पर सवाल पूछकर जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों के साथ इस संवाद से विद्यार्थियों को डेयरी उद्योग की व्यावहारिक चुनौतियों और पेशेवर आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिला।
विज्ञान विषयों के औद्योगिक अनुप्रयोग को समझा
औद्योगिक भ्रमण ने विद्यार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी, सूक्ष्मजीव विज्ञान, प्राणी विज्ञान और संबद्ध विज्ञान विषयों में पढ़े गए सिद्धांतों के व्यावहारिक अनुप्रयोग को समझने में मदद की। साथ ही डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी और सूक्ष्मजीव विज्ञान जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार एवं करियर संभावनाओं के प्रति विद्यार्थियों की जागरूकता भी बढ़ी। विभाग की ओर से इस तरह के उद्योगोन्मुखी अनुभवों को विद्यार्थियों के समग्र शैक्षणिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
विश्वविद्यालय प्रबंधन के मार्गदर्शन में आयोजन
औद्योगिक भ्रमण का आयोजन मैट्स विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गजराज पगारिया, महानिदेशक प्रियेश पगारिया, कुलपति प्रोफेसर डॉ. के. पी. यादव और कुलसचिव गोकुलानंद पांडा के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन से किया गया। स्कूल ऑफ साइंसेज के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष सराफ ने विद्यार्थियों के लिए ऐसे व्यावहारिक और उद्योगोन्मुखी शैक्षणिक अनुभवों को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में प्राप्त ज्ञान को वास्तविक कार्यप्रणाली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


