स्वतंत्र छत्तीसगढ़
पैरों के तलवों में होने वाला दर्द एक आम समस्या है, लेकिन इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। कई लोगों को सुबह उठते ही, लंबे समय तक चलने, दौड़ने या खड़े रहने पर तलवों में तेज दर्द महसूस होता है। चिकित्सकीय भाषा में इस समस्या को कई मामलों में मेटाटार्सलजिया (Metatarsalgia) कहा जाता है। यदि समय रहते इसका कारण पहचानकर उपचार न किया जाए तो यह दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकता है।
तलवों में दर्द के प्रमुख कारण
✔ गलत फिटिंग के जूते-चप्पल: बहुत तंग, ऊंची एड़ी या सख्त सोल वाले जूते पहनने से तलवों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
✔ अधिक शारीरिक गतिविधि: लगातार दौड़ना, खेलना, डांस करना या अधिक समय तक खड़े रहने से तलवों में दर्द हो सकता है।
✔ पैरों की बनावट: चपटे पैर (Flat Foot) या अत्यधिक ऊंचे आर्च वाले पैरों में दर्द की संभावना अधिक रहती है।
✔ पैरों की उंगलियों की संरचना: लंबी या असामान्य स्थिति वाली उंगलियां जूतों में दबाव बढ़ाकर दर्द पैदा कर सकती हैं।
✔ गठिया की समस्या: गाउट और रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी बीमारियों में सूजन और दर्द आम है।
✔ मोटापा: बढ़ा हुआ वजन तलवों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे दर्द और सूजन हो सकती है।
तलवों के दर्द से राहत कैसे पाएं?
• दर्द होने पर 24–48 घंटे तक पैरों को पर्याप्त आराम दें।
• प्रभावित हिस्से पर 10–15 मिनट तक बर्फ की सिकाई दिन में 2–3 बार करें।
• लंबे समय तक बैठते समय पैरों को थोड़ा ऊंचा रखें।
• नंगे पैर कठोर फर्श या कंक्रीट पर चलने से बचें।
• आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनें।
• पैरों की हल्की मालिश और स्ट्रेचिंग से भी राहत मिल सकती है।
• यदि दर्द लगातार बना रहे, सूजन बढ़े या चलने में कठिनाई हो तो तुरंत हड्डी रोग विशेषज्ञ या फिजिशियन से परामर्श लें।
ध्यान रखें: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी लगातार या गंभीर दर्द की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।


