BY ANAND GUPTA (JASHPUR)
जशपुर, छत्तीसगढ़
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जिला जशपुर द्वारा वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में जिला स्तरीय संगोष्ठी एवं विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही विस्थापन, हिंसा और असहनीय पीड़ा का सामना करने वाले परिवारों के संघर्ष को स्मरण करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।
हेड लाइंस
जशपुर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर जिला स्तरीय संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी
विधायकों गोमती साय और रायमुनि भगत ने कहा—इतिहास से सीख लेना जरूरी
नेताओं ने नई पीढ़ी को विभाजन की त्रासदी और पीड़ितों के संघर्ष से अवगत कराने पर दिया जोर
विशेष प्रदर्शनी में दिखी विस्थापन, हिंसा और संघर्ष की ऐतिहासिक झलक
भाजपा कार्यकर्ताओं ने एकजुट, समरस और विकसित भारत के निर्माण का लिया संकल्प
विभाजन केवल सीमाओं का नहीं, करोड़ों लोगों के जीवन का विभाजन था: संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि भारत का विभाजन केवल देश की भौगोलिक सीमाओं का विभाजन नहीं था, बल्कि इसने करोड़ों लोगों के जीवन, परिवार, संस्कृति और भावनाओं को गहराई से प्रभावित किया। लाखों परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा और असंख्य लोगों ने अपने प्राण गंवाए। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन पीड़ितों के संघर्ष और बलिदान को याद करने का अवसर है। इतिहास को याद रखना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अतीत की परिस्थितियों से सबक लेकर राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और अखंडता को और मजबूत कर सकें।
नफरत और हिंसा के कड़वे अध्याय से सीख लेने की जरूरत: जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने कहा कि विभाजन की पीड़ा को भुलाया नहीं जा सकता। यह दिन उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिन्होंने अपने जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी का सामना किया। उन्होंने कहा कि नफरत और हिंसा के कारण लाखों लोग अपने घरों से उजड़ गए। हमें इतिहास के इस कड़वे अध्याय से सीख लेकर समाज में आपसी विश्वास, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करना होगा। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि समाज को बांटने वाली किसी भी प्रवृत्ति को मजबूत नहीं होने देना चाहिए।
अतीत को याद कर भविष्य को सुरक्षित बनाने का अवसर: पूर्व प्रदेश महामंत्री श्री कृष्ण कुमार राय ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत को याद करने का दिन नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर भविष्य को सुरक्षित बनाने का अवसर है। विभाजन के दौरान लाखों भारतीयों ने विस्थापन, हिंसा और अमानवीय परिस्थितियों का सामना किया। अनेक लोगों को अपने घर, खेत, व्यापार और संपत्ति छोड़कर अनजान स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। उन्होंने कहा कि इतिहास के इन महत्वपूर्ण अध्यायों को दबाने या भुलाने के बजाय नई पीढ़ी को वास्तविक घटनाओं से परिचित कराना आवश्यक है, ताकि वे राष्ट्र की एकता और सामाजिक सद्भाव के महत्व को समझ सकें।
युवा पीढ़ी को इतिहास से जोड़ना हमारी जिम्मेदारी: बलरामपुर जिला प्रभारी श्री ओमप्रकाश सिन्हा ने विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उस दौर में आम नागरिकों द्वारा झेली गई पीड़ा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि देश के विभाजन ने किस प्रकार लाखों परिवारों के जीवन को प्रभावित किया। इतिहास केवल पुस्तकों में पढ़ने का विषय नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर वर्तमान और भविष्य को बेहतर बनाने की प्रेरणा प्राप्त की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को विस्थापित परिवारों के संघर्ष, त्याग और पीड़ा से परिचित कराना आवश्यक है।
घृणा नहीं, पीड़ितों को स्मरण करने का उद्देश्य: भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भरत सिंह ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य किसी के प्रति घृणा पैदा करना नहीं, बल्कि विभाजन के दौरान पीड़ित हुए लोगों की पीड़ा को स्मरण करना और ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों, इसका संकल्प लेना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभाजन की पीड़ा को राष्ट्रीय स्मृति का हिस्सा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इतिहास को याद रखने से समाज में जागरूकता आती है और राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा सामाजिक समरसता को मजबूती मिलती है। उन्होंने जाति, पंथ और क्षेत्र की संकीर्णताओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में एकजुट रहने का आह्वान किया।
प्रदर्शनी में दिखी विभाजन की त्रासदी: कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी से संबंधित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें उस दौर के विस्थापन, हिंसा और पीड़ित परिवारों के संघर्ष से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया। नेताओं, कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों और विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और पीड़ित नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

संचालन और बड़ी संख्या में मौजूद रहे कार्यकर्ता: कार्यक्रम का संचालन जिला भाजपा महामंत्री श्री मुकेश शर्मा ने किया। उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उद्देश्य और कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय को समझने तथा उससे सीख लेने का आह्वान किया। जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान के अनुसार कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश नन्दे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जिला महामंत्री मनीष अग्रवाल, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष गंगा भगत सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक और स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
एकजुट और समरस भारत का लिया संकल्प: कार्यक्रम के अंत में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभाजन की पीड़ा को स्मरण करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं की रक्षा का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में एकता है और प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह समाज में भाईचारा, आपसी विश्वास और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने में अपना योगदान दे। इस अवसर पर एक मजबूत, एकजुट, समरस और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया गया।
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