स्वतंत्र छत्तीसगढ़
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में लंबे समय से चले आ रहे न्यायिक इंतजार का अब अंतिम पड़ाव सामने आ गया है। जगदलपुर स्थित एनआईए की विशेष अदालत में मामले की अंतिम सुनवाई पूरी हो चुकी है। लगातार तीन दिनों तक चली अंतिम बहस के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब 31 अगस्त 2026 को इस मामले में अंतिम निर्णय सुनाया जाएगा।
झीरम घाटी हमला छत्तीसगढ़ के इतिहास की सबसे दर्दनाक और चर्चित नक्सली घटनाओं में शामिल है। वर्ष 2013 में हुए इस हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित 27 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। घटना के बाद इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई थी। करीब 13 वर्ष बाद अब विशेष अदालत में चल रही न्यायिक प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंच गई है।
तीन दिन तक चली अंतिम बहस
विशेष अदालत में मामले की अंतिम बहस सोमवार से शुरू हुई और बुधवार को पूरी हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखे। अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और जांच के आधार पर अपनी दलीलें पेश कीं, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के संबंध में अपना पक्ष रखा।
अंतिम दिन दोनों पक्षों की जवाबी दलीलें भी सुनी गईं। इसके बाद विशेष न्यायाधीश ने मामले में फैसला सुरक्षित रखने की घोषणा करते हुए 31 अगस्त को निर्णय सुनाने की तारीख तय कर दी।
2013 में हुआ था झीरम घाटी हमला
झीरम घाटी में 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर नक्सलियों ने बड़ा हमला किया था। दरभा क्षेत्र में हुए इस हमले में कांग्रेस के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मारे गए थे। घटना में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा और विद्याचरण शुक्ल समेत कई लोगों की जान गई थी।
इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। घटना के बाद इसकी जांच को लेकर लंबे समय तक राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा होती रही। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ एनआईए की विशेष अदालत में आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई।
एनआईए की जांच और अदालत में सुनवाई
झीरम मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने की। जांच के दौरान कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और आरोपियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई चली। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार एनआईए ने इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी।
मामले में बड़ी संख्या में गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। अब अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत के फैसले का इंतजार है।
31 अगस्त पर टिकी निगाहें
अदालत द्वारा फैसला सुनाने की तारीख तय किए जाने के बाद झीरम मामले से जुड़े पीड़ित परिवारों, राजनीतिक दलों और प्रदेश की जनता की निगाहें अब 31 अगस्त पर टिक गई हैं। इतने लंबे समय से चले आ रहे मामले में अदालत का निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, अदालत का अंतिम फैसला आने तक किसी भी पक्ष के संबंध में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। 31 अगस्त को न्यायालय द्वारा दिए जाने वाले निर्णय के बाद ही मामले में दोष और दायित्व से संबंधित स्थिति स्पष्ट होगी।
स्वतंत्र छत्तीसगढ़: झीरम घाटी मामले की सुनवाई पूरी होने के साथ अब प्रदेश एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय का इंतजार कर रहा है। अदालत का फैसला 31 अगस्त को सामने आएगा।
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