स्वतंत्र छत्तीसगढ़
रायपुर, छत्तीसगढ़: रायपुर केंद्रीय जेल की आस्था कैंटीन और कैफे सेंटर अब एक नई पहल शुरू करने जा रहा है। जेल में कैदियों द्वारा तैयार किया गया भोजन अब आम लोग भी खरीदकर खा सकेंगे। इसके लिए ‘जेल की रोटी’ नाम से फूड पैकेट शुरू किया जा रहा है। जेल प्रशासन अगस्त 2026 से इसकी शुरुआत की तैयारी में है। शुरुआती चरण में प्रतिदिन केवल 30 फूड पैकेट तैयार किए जाएंगे, जिसकी कीमत 275 रुपये प्रति पैकेट निर्धारित की गई है।
जेल परिसर में ही तैयार होगा भोजन: ‘जेल की रोटी’ के लिए भोजन रायपुर केंद्रीय जेल परिसर में ही कैदियों द्वारा तैयार किया जाएगा। फूड पैकेट लेने के लिए लोगों को आस्था कैंटीन में पहले से बुकिंग करानी होगी। बुकिंग के बाद निर्धारित समय पर पैकेट उपलब्ध कराया जाएगा। शुरुआत में पैकेट की संख्या सीमित रखने का निर्णय व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए लिया गया है।
मुंगौड़ी और दूसरे खाद्य पदार्थों के लिए प्रसिद्ध है आस्था कैंटीन: रायपुर केंद्रीय जेल की आस्था कैंटीन में कैदियों द्वारा तैयार किए जाने वाले खाद्य पदार्थ पहले से ही लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। यहां की मुंगौड़ी को खास तौर पर पसंद किया जाता है। इसके अलावा समोसा, जलेबी, मिक्चर सहित कई अन्य खाद्य पदार्थ भी तैयार किए जाते हैं। पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से संचालित इस कैंटीन में जेल में बने उत्पाद खरीदने के लिए लोग पहुंचते हैं। अब इसी पहल का विस्तार करते हुए तैयार भोजन को भी आम लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है।
कैदियों के कल्याण और पुनर्वास पर खर्च होगी आय: रायपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक योगेश क्षत्री के अनुसार, ‘जेल की रोटी’ शुरू करने का उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि कैदियों को काम से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अवसर देना है। फूड पैकेट की बिक्री से प्राप्त आय का इस्तेमाल कैदियों के कल्याण और पुनर्वास से जुड़ी गतिविधियों में किया जाएगा। इस पहल से कैदियों को भोजन तैयार करने का व्यावहारिक अनुभव और अपनी मेहनत से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।
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