जशपुर, छत्तीसगढ़
अपराध समीक्षा बैठक में डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने, साइबर अपराध, नशा तस्करी और यातायात नियमों के सख्त पालन पर विशेष जोर दिया।
हेड लाइंस
- लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के निर्देश
- लापरवाही बरतने वाले विवेचकों पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी
- एनडीपीएस मामलों में End-to-End Investigation के निर्देश
- होटल-लॉज में समाधान ऐप से आगंतुकों का अनिवार्य पंजीयन होगा
- साइबर अपराध, गौ-तस्करी, अवैध शराब, जुआ-सट्टा पर सख्त कार्रवाई
- पुलिस मितान व्यवस्था और ग्राम सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर
- बैरिकेड लगाकर सघन वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश
जशपुर, छत्तीसगढ़: पुलिस कार्यालय जशपुर में 6 अगस्त 2026 को डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह की अध्यक्षता में अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी शामिल हुए। बैठक में लंबित अपराध, शिकायत, चालान और मर्ग प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत करने तथा लापरवाही बरतने वालों पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
विवेचना और दोषसिद्धि बढ़ाने पर जोर: डीआईजी एवं एसएसपी ने कहा कि प्रत्येक विवेचक साक्ष्य संकलन, विवेचना की गुणवत्ता और दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, लंबित वारंटों की तामिली और आदतन अपराधियों की निगरानी तेज करने के निर्देश दिए गए। एनडीपीएस मामलों में केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने और End-to-End Investigation सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
अवैध गतिविधियों और साइबर अपराध पर सख्ती: बैठक में गौ-तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब, जुआ, सट्टा तथा अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराधों की समीक्षा के दौरान साइबर सेल को ऑनलाइन ठगी और साइबर हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
समाधान ऐप और सीएम हेल्पलाइन पर विशेष फोकस: सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि होटल, लॉज और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों में ठहरने वाले प्रत्येक आगंतुक का समाधान ऐप के माध्यम से अनिवार्य पंजीयन कराया जाए, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। साथ ही सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर तथ्यपरक और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस मितान और ग्राम सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत: डीआईजी एवं एसएसपी ने पुलिस मितान व्यवस्था को सामुदायिक पुलिसिंग की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए नियमित बैठकें आयोजित करने और कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा जैसे विषयों पर जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी शिकायतकर्ता थाना या चौकी से निराश होकर वापस न लौटे तथा प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशील और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यातायात नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: जिलेभर में बैरिकेड लगाकर सघन वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बिना हेलमेट, तीन सवारी, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, सीट बेल्ट का उपयोग न करने, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने तथा शराब के नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना बताया गया।
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