गीदम में तेंदूपत्ता बिक्री ने रचा इतिहास: 38 साल का रिकॉर्ड टूटा, ‘हरा सोना’ बिका 10,909 रुपये प्रति बोरा…

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रिकॉर्ड कीमत से झूमे संग्राहक, चार हजार परिवारों को मिलेगा बोनस, गीदम समिति बनी प्रदेश की अग्रणी समिति
मुख्य बातें
  • गीदम प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति ने बनाया नया रिकॉर्ड।
  • तेंदूपत्ता 10,609 और 10,909 रुपये प्रति मानक बोरा में बिका।
  • 38 वर्षों में पहली बार मिली इतनी ऊंची कीमत।
  • लगभग चार हजार संग्राहक परिवारों को मिलेगा बोनस।
  • ऑनलाइन निविदा और पारदर्शी व्यवस्था को मिली सफलता।

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र में आजीविका का प्रमुख आधार माने जाने वाले तेंदूपत्ते ने इस वर्ष गीदम प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति के लिए नया इतिहास रच दिया है। राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा 16 जुलाई को आयोजित ऑनलाइन निविदा में समिति के तेंदूपत्ते की रिकॉर्ड कीमत मिली। वर्ष 1988 में समिति की स्थापना के बाद पहली बार तेंदूपत्ता 10,609 रुपये और 10,909 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से बिका, जिससे 38 वर्षों का पुराना रिकॉर्ड टूट गया।

पिछले वर्ष की तुलना में मिली बड़ी बढ़त

पिछले वर्ष गीदम समिति का तेंदूपत्ता 7,689 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से विक्रय हुआ था। इस बार रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ समिति प्रदेश की सर्वाधिक कीमत प्राप्त करने वाली समितियों में शामिल हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने इसे गुणवत्ता, पारदर्शी प्रक्रिया और बेहतर प्रबंधन का परिणाम बताया है। इस उपलब्धि से क्षेत्र के तेंदूपत्ता व्यापार और वनोपज प्रबंधन को नई पहचान मिली है।

चार हजार संग्राहक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

रिकॉर्ड बिक्री का सबसे बड़ा लाभ गीदम क्षेत्र के लगभग चार हजार तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को मिलेगा। वन विभाग के अनुसार उन्हें बोनस के रूप में अतिरिक्त राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। इससे वन आश्रित परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका को भी नई मजबूती मिलेगी।

पारदर्शी व्यवस्था और टीमवर्क की सफलता

समिति ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय मुख्य वन संरक्षक, वन मंडलाधिकारी, विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और फड़ मुंशियों के सामूहिक प्रयासों को दिया है। अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन निविदा प्रणाली और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध बनाया है। वन विभाग ने भविष्य में भी संग्राहकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसी प्रकार की गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली जारी रखने का भरोसा जताया है।

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