रायगढ़ / छत्तीसगढ़
धरमजयगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता, वैज्ञानिक जांच और डॉग स्क्वॉड की मदद से ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश
मुख्य बातें
- धरमजयगढ़ में दंपति की हत्या और शव जलाने के मामले का 72 घंटे में खुलासा।
- जमीन विवाद के चलते दो सगे भाइयों ने की थी वारदात।
- हत्या के बाद शव और घर में आग लगाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश।
- पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त टांगी और आरोपियों के कपड़े किए बरामद।
- दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू।
रायगढ़। धरमजयगढ़ पुलिस ने ग्राम कोंध्रा के देवमारीडांड में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर केस का मात्र 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि वर्षों पुराने जमीन विवाद की रंजिश में आरोपियों ने बुजुर्ग दंपति की टांगी से हत्या कर दी और बाद में शवों सहित घर में आग लगाकर घटना को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक जांच और डॉग स्क्वॉड की मदद से इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाई गई।
घर के अंदर जले हुए मिले थे दंपति के शव
15 जुलाई 2026 को धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कोंध्रा निवासी 65 वर्षीय मंगल राठिया और उनकी 55 वर्षीय पत्नी पुनाई बाई राठिया के घर के भीतर दोनों के जले हुए शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची और वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। मृतक के यहां कार्य करने वाले कर्मचारी ने पुलिस को बताया कि सुबह काम पर पहुंचने पर घर का दरवाजा खुला मिला और कमरे से धुआं निकलता दिखाई दिया, जहां दोनों के शव जली हुई अवस्था में पड़े थे।
डॉग स्क्वॉड और वैज्ञानिक जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान घटनास्थल पर मिली हत्या में प्रयुक्त टांगी की गंध लेकर पुलिस डॉग आरोपियों तक पहुंचा। साथ ही पूछताछ में मृतक और आरोपियों के परिवार के बीच लंबे समय से भूमि विवाद होने की जानकारी मिली। फॉरेंसिक साक्ष्यों, मानव खुफिया सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने श्याम लाल राठिया और उसके भाई जीवन लाल राठिया से अलग-अलग पूछताछ की, जिसमें दोनों ने हत्या का अपराध स्वीकार कर लिया।
हत्या के बाद शव जलाकर मिटाने की कोशिश की गई थी पहचान
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2013 में खरीदी गई जमीन को लेकर मृतक से उनकी पुरानी रंजिश थी। इसी विवाद के चलते 14 जुलाई की रात दोनों टांगी लेकर मृतक के घर पहुंचे और दरवाजा खुलते ही मंगल राठिया पर हमला कर दिया। शोर सुनकर बाहर आई उनकी पत्नी पुनाई बाई की भी हत्या कर दी गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने शवों पर कपड़े और अन्य सामान डालकर आग लगा दी तथा घर के कमरों में भी आग लगाकर हत्या के साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। घटना के बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे।
दोनों आरोपी गिरफ्तार, हथियार और कपड़े जब्त
धरमजयगढ़ पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर हत्या में प्रयुक्त टांगी और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर जब्त कर लिए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्याम लाल राठिया (32 वर्ष) और जीवन लाल राठिया (48 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम कोंध्रा, थाना धरमजयगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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