मौसम / भारत
मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की, लोगों से सतर्क रहने की अपील।
हेड लाइन्स
- बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से मानसून हुआ सक्रिय।
- देश के 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी।
- 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं तेज हवाएं।
- पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में अगले सात दिनों तक भारी वर्षा की संभावना।
नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में उत्तर-पश्चिम क्षेत्र और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने से देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ दिनों के लिए 22 राज्यों में हल्की से लेकर भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में सबसे अधिक असर
मौसम विभाग के अनुसार यह कम दबाव का क्षेत्र अगले दो दिनों में और मजबूत होकर उत्तर ओडिशा तथा गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, सिक्किम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में अगले सात दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भी भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़ समेत 22 राज्यों में अलर्ट
आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, नागालैंड सहित 22 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
दिल्ली में उमस, पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हल्की बूंदाबांदी के बावजूद उमस बनी हुई है और मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 20 और 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश की आशंका व्यक्त की गई है। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की यह सक्रियता कृषि के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
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