बिलासपुर / छत्तीसगढ़
हाइलाइट :
बिलासपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ा बढ़ावा
NTPC सीपत की CSR पहल से 7.19 करोड़ का निवेश
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अत्याधुनिक ब्लड सेंटर स्थापित
CIMS को 26 नई मशीनों से मिला तकनीकी मजबूती
बिलासपुर। बिलासपुर के स्वास्थ्य क्षेत्र को आधुनिक और सुलभ बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए NTPC Sipat ने अपनी CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) योजना के तहत 7.19 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लोकार्पण किया है। इस पहल के तहत कुमार साहब स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और Chhattisgarh Institute of Medical Sciences (CIMS) के बुनियादी ढांचे और चिकित्सा उपकरणों को उन्नत किया गया है, जिससे क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार
इस परियोजना के अंतर्गत सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 4.27 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक ब्लड सेंटर, माइक्रोबायोलॉजी और हार्मोन परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। साथ ही, एआई-आधारित माइक्रोस्कोपी सिस्टम भी लगाया गया है, जो सटीक और तेज़ निदान में मदद करेगा। विशेष बात यह है कि यहां स्थापित ब्लड सेंटर छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का पहला केंद्र बताया जा रहा है, जो मरीजों को बेहतर और समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
CIMS को उन्नत उपकरणों से मिली मजबूती
वहीं Chhattisgarh Institute of Medical Sciences (CIMS) को 2.92 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें आठ अलग-अलग विभागों के लिए कुल 26 मशीनें शामिल हैं। प्रमुख उपकरणों में कलर डॉपलर सिस्टम, ऑटोमैटिक केमिलुमिनेसेंस एनालाइजर, डेंटल चेयर, ऑपरेशन थिएटर (OT) टेबल और मोर्चरी फ्रीजर शामिल हैं, जो अस्पताल की कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता को बेहतर बनाएंगे।
मरीजों को स्थानीय स्तर पर मिलेगा बेहतर इलाज
अधिकारियों के अनुसार, इन सुविधाओं के विस्तार से अब बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को जटिल जांच और उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय डायग्नोस्टिक और चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी, साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगा दीर्घकालिक लाभ
यह पहल न केवल वर्तमान स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगी, बल्कि भविष्य में बढ़ती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की CSR पहलें सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण इलाज सुलभ हो सके।
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