छत्तीसगढ़
हाइलाइट्स:
सरगुजा की बेटी शाम कुमारी बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
पढ़ाई के साथ मिला रोजगार, अब खुद उठाएंगी खर्च
स्वास्थ्य विभाग में वार्ड आया के पद पर मिली नियुक्ति
विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए सरकार की पहल कारगर
रायपुर, 26 अप्रैल 2026/
छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रही हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले की शाम कुमारी की सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। शासन की योजनाओं और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने न सिर्फ रोजगार हासिल किया है, बल्कि उच्च शिक्षा के सपनों को भी नई उड़ान दी है।
शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मिली जिम्मेदारी
सरगुजा जिले के लुंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चिरमुण्डा की निवासी शाम कुमारी वर्तमान में बी.एससी अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। उनकी लगन और आर्थिक जरूरत को देखते हुए उन्हें शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा में वार्ड आया के पद पर नियुक्त किया गया है, जिससे उन्हें स्थायी आय का स्रोत मिला है।
पढ़ाई का खर्च अब खुद उठाने में सक्षम
शाम कुमारी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि पहले उच्च शिक्षा जारी रखना उनके लिए कठिन था, लेकिन अब रोजगार मिलने से यह राह आसान हो गई है। उन्होंने कहा कि अब वे अपनी पढ़ाई का खर्च खुद वहन कर सकेंगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में भी योगदान देंगी।
प्रशासन की पहल से मिला अवसर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। जिला प्रशासन सरगुजा द्वारा डीएमएफ मद से स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय और वार्ड आया के 30 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं, जिससे कई युवाओं को रोजगार मिला है।
अन्य युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
शाम कुमारी की सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे पहाड़ी कोरवा समुदाय के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी है। यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर कोई भी युवा अपने सपनों को साकार कर सकता है।
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